Чу лаб ба кӯза наҳй кӯза набот шавад
چو لب به کوزه نهی کوزه نبات شود
зи кӯза қатра чакад чашма ҳаёт шавад
ز کوزه قطره چکد چشمه حیات شود
зи рашки онкӣ чаро кӯзаи лаб наад ба лабат
ز رشک آنکه چرا کوزه لب نهد به لبت
Марои ду дидаи зи нами диҷла ва Фурот шавад
مرا دو دیده ز نم دجله و فرات شود
Азон зулоли бақои коби ним хӯрда туаст
ازان زلال بقا کآب نیم خورده توست
Чу Хизр ҳар ки хӯрд эмин аз мамот шавад
چو خضر هر که خورد ایمن از ممات شود
Марӣзи ишқи ту чун моил шифо гардад
مریض عشق تو چون مایل شفا گردد
Асири қайди ту кӣ толиб наҷот шавад
اسیر قید تو کی طالب نجات شود
зи каъба буд нишонеи дилам чаҳ донистам
ز کعبه بود نشانی دلم چه دانستم
Ки баҳр чун ту бутии дайр сўмнот шавад
که بهر چون تو بتی دیر سومنات شود
Ниҳоди рух ба адами дил чу тухми меҳри ту кишт
نهاد رخ به عدم دل چو تخم مهر تو کشت
Чу он ҳариф ки ногуҳи зи кишт мот шавад
چو آن حریف که ناگه ز کشت مات شود
Ниҳодаи чашм ба роҳи ту мунтазири ҷомӣ
نهاده چشم به راه تو منتظر جامی
Ки бигузарӣ ба сар ӯу хок пот шавад
که بگذری به سر او و خاک پات شود