Ҷурмӣ ки рахти мо ба ҳарим фано кашад

جرمی که رخت ما به حریم فنا کشد

Беҳтари зи тоъатӣ ки ба аҷаб ва риё кашад

بهتر ز طاعتی که به عجب و ریا کشد

Ҳар дами зи базми айши нуҳуми рӯ ба роҳи зуҳд

هر دم ز بزم عیش نهم رو به راه زهد

Бозами каманди гесуии чанг аз қафо кашад

بازم کمند گیسوی چنگ از قفا کشد

Гӯи ҷоми софу домани маъшӯқи содаи гир

گو جام صاف و دامن معشوق ساده گیر

Онро ки дил ба суҳбати аҳл сафо кашад

آن را که دل به صحبت اهل صفا کشد

Бар санг имтиҳон нашавад ҳам айёри зар

بر سنگ امتحان نشود هم عیار زر

Ҳар мис ки сари зи тарбият кимиё кашад

هر مس که سر ز تربیت کیمیا کشد

Зини гӯна каз қазоу қадар дар кашокашам

زین گونه کز قضا و قدر در کشاکشم

Дар ҳайратам ки кори ман охир куҷо кашад

در حیرتم که کار من آخر کجا کشد

Бар ҳарфи ҳеҷ кас манеҳ ангушти эътироз

بر حرف هیچ کس منه انگشت اعتراض

Он нест калаки сунъ ки хат хато кашад

آن نیست کلک صنع که خط خطا کشد

Ҷомӣ з хон ризқ чу як нон кифоят аст

جامی ز خوان رزق چو یک نان کفایت است

Озодаи бори миннати дунон чаро кашад

آزاده بار منت دونان چرا کشد