Гарчи пеши ту марои ҳеҷ раҳ ва рӯй намонад

گرچه پیش تو مرا هیچ ره و روی نماند

Рӯй ман ҷузи паии иқболи ту ҳар сӯй намонад

روی من جز پی اقبال تو هر سوی نماند

Хонае буд ба кӯии тараб аз васли туам

خانه ای بود به کوی طرب از وصل توام

Шуд хароб аз ғамати он хона ва он кӯй намонад

شد خراب از غمت آن خانه و آن کوی نماند

Бас ки аз мӯии миёни ту ҷудои мўиидм

بس که از موی میان تو جدا موییدم

Танам аз мӯя чу мӯе шуд ва он мӯӣ намонад

تنم از مویه چو مویی شد و آن موی نماند

Ҷӯии чашмами зи хаёли рахти ободон буд

جوی چشمم ز خیال رخت آبادان بود

То ту рафтӣ зи назари оби дарин ҷӯй намонад

تا تو رفتی ز نظر آب درین جوی نماند

Бинмо зӯдтар эй каъбаи мақсӯди ҷамол

بنما زودتر ای کعبه مقصود جمال

Ки дарин раҳ дигарам тоби так ва пўӣ намонад

که درین ره دگرم تاب تک و پوی نماند

Пери гаштами ман бдрўз вале дар дили ман

پیر گشتم من بدروز ولی در دل من

Ҷузи таманнои ҷавонон нкўрўӣ намонад

جز تمنای جوانان نکوروی نماند

Лаби гшо эй гули раъно ба сухани ҷомӣ ро

لب گشا ای گل رعنا به سخن جامی را

Ки дарин боғи ҷуз ӯ булбул хўшгўӣ намонад

که درین باغ جز او بلبل خوشگوی نماند