Ҷузи сари кӯяши ман овораро маскан мабод

جز سر کویش من آواره را مسکن مباد

Булбул бехону монро ҷои ҷуз гулшан мабод

بلبل بی خان و مان را جای جز گلشن مباد

Бар дараш шабҳо сегонро ҷо ва ман маҳрӯм азон

بر درش شبها سگان را جا و من محروم ازان

Ваа чаҳ рӯзаст ин ки дорам саг ба рӯз ман мабод

وه چه روز است این که دارم سگ به روز من مباد

Дигаронро дидаи равшан гарчи аз мардум буд

دیگران را دیده روشن گرچه از مردم بود

Ҷуз ба рӯй он прирўи чашми ман равшан мабод

جز به روی آن پریرو چشم من روشن مباد

Гарчи ҳар дам хок гардад дар раҳаши сад ҷони пок

گرچه هر دم خاک گردد در رهش صد جان پاک

Ҳеҷ гуҳи зини раҳгузари гардӣ бар он доман мабод

هیچ گه زین رهگذر گردی بر آن دامن مباد

Сад балогар пеш пеш ояд ба ҳар гомии маро

صد بلا گر پیش پیش آید به هر گامی مرا

Ҳаргизам аз кӯии ишқаш рӯй баргаштан мабод

هرگزم از کوی عشقش روی برگشتن مباد

Гар сагонашро хулди хорӣ ба по аз баҳри он

گر سگانش را خلد خاری به پا از بهر آن

Ғайр нӯк нашутур мижгони ман сӯзан мабод

غیر نوک نشتر مژگان من سوزن مباد

Гар буд рӯзии мъозоллаҳ ки натавон диданаш

گر بود روزی معاذالله که نتوان دیدنش

Ҷомии бечораро он рӯзи ҷон дар тан мабод

جامی بیچاره را آن روز جان در تن مباد