Раҳмӣ бидиҳ худоёи он сангдили ҷавон ро

رحمی بده خدایا آن سنگدل جوان را

ё тоқатӣу сабрии ин пери нотавон ро

یا طاقتی و صبری این پیر ناتوان را

Бахтами ҷавону ақлам пераст лек ишқаш

بختم جوان و عقلم پیر است لیک عشقش

Оварда зери фармони ҳам пер ва ҳам ҷавон ро

آورده زیر فرمان هم پیر و هم جوان را

Гар зард шуд гиёҳӣ дар хшксоли ҳиҷрон

گر زرد شد گیاهی در خشکسال هجران

Пажмурдагии мабодои он тозаи арғавон ро

پژمردگی مبادا آن تازه ارغوان را

Хӯн меравад зи чашмами он бахти кӯ ки байнам

خون می رود ز چشمم آن بخت کو که بینم

Сарвӣ нишаста бар лаби ин чашмаи равон ро

سروی نشسته بر لب این چشمه روان را

Зоҳид ба кунҷ миҳроб оварда рӯй тоъат

زاهد به کنج محراب آورده روی طاعت

Ошиқи гирифтаи қиблаи он тоқи абрувон ро

عاشق گرفته قبله آن طاق ابروان را

Маҳмил мабанд имрӯз эй сорибони ҷонон

محمل مبند امروز ای ساربان جانان

Каз оби чашм мо шуд раҳи бастаи корвон ро

کز آب چشم ما شد ره بسته کاروان را

Ҷомии зи ишқи хубон гар гуфт тавба кардам

جامی ز عشق خوبان گر گفت توبه کردم

Ин нукта бишинав аз ман зинҳор машну он ро

این نکته بشنو از من زنهار مشنو آن را