Ид шуд ҳар каси зи ёрӣ иде дорад ҳавас
عید شد هر کس ز یاری عیدیی دارد هوس
Иди моу идии мо дидан рӯй ту бас
عید ما و عیدی ما دیدن روی تو بس
Иди мардум дидани маи иди мо дидори ту
عید مردم دیدن مه عید ما دیدار تو
Ҳамчуи иди мо муборак нест иди ҳеҷ кас
همچو عید ما مبارک نیست عید هیچ کس
Парда гуфтӣ афканами пас рӯзи ид аз пеши рух
پرده گفتی افکنم پس روز عید از پیش رخ
Ид шуд он ваъдаро дигар Маяфкан пеш ва пас
عید شد آن وعده را دیگر میفکن پیش و پس
Сидқи мо чун равшанат шуд охир эй хуршед рӯй
صدق ما چون روشنت شد آخر ای خورشید روی
Ҳамчуи субҳ аз меҳри дил бо мо баровари як нафас
همچو صبح از مهر دل با ما برآور یک نفس
Мо асири ҳиҷру халқии муҳаррами базми висол
ما اسیر هجر و خلقی محرم بزم وصال
Зоғ бо гули ҳамдаму булбули гирифтори қафас
زاغ با گل همدم و بلبل گرفتار قفس
Сӯхти ҷони ман агар оҳии кашами маъзӯри дор
سوخت جان من اگر آهی کشم معذور دار
Дӯди хезади лоҷарам ҳар ҷо фитад оташ ба хас
دود خیزد لاجرم هر جا فتد آتش به خس
намерасад фарёди ҷомӣ бе рахти шабҳо ба моҳ
می رسد فریاد جامی بی رخت شبها به ماه
эй маи номеҳрбони рӯзӣ ба фарёдаш барис
ای مه نامهربان روزی به فریادش برس