Ман бедил чу хоҳам дод ҷони нодидаи дидораш

من بی دل چو خواهم داد جان نادیده دیدارش

Мадад кун эй аҷал то зор меРом зери девораш

مدد کن ای اجل تا زار میرم زیر دیوارش

зи дида дар дилаш ҷо кардаму дил дар даруни пинҳон

ز دیده در دلش جا کردم و دل در درون پنهان

Ҳануз эмини ним тарсам ки бинад чашми ағёраш

هنوز ایمن نیم ترسم که بیند چشم اغیارش

Чаҳ қадаст он таъолии аллоҳ ки хоҳам дидау дил ро

چه قد است آن تعالی الله که خواهم دیده و دل را

Кунам хоки раҳи он соъат ки байнами лутфи рафтораш

کنم خاک ره آن ساعت که بینم لطف رفتارش

На дил дорам ба даст акнӯн на дайни мискини мусулмонӣ

نه دل دارم به دست اکنون نه دین مسکین مسلمانی

Ки бо ин кофарон сангдил уфтад сару кораш

که با این کافران سنگدل افتد سر و کارش

Нашуд гул чун Рахш аммо бидон рӯ об ме гардад

نشد گل چون رخش اما بدان رو آب می گردد

Ки ёбад рӯй он давлат ки шавед гирди рухсораш

که یابد روی آن دولت که شوید گرد رخسارش

Туу гулзори хеш эй боғбони моу сркўиӣ

تو و گلزار خویش ای باغبان ما و سرکویی

Ки об рӯй сад гулзор мебахшад хасу хораш

که آب روی صد گلزار می بخشد خس و خارش

Чу мурғони хазони дидаи забони баст аз сухани ҷомӣ

چو مرغان خزان دیده زبان بست از سخن جامی

Куҷои он ғунчаи хандон ки бози орад ба гуфтораш

کجا آن غنچه خندان که باز آرد به گفتارش