Сӯии саҳрои неи паии айшу тамошо май рӯм

سوی صحرا نی پی عیش و تماشا می روم

Бе ту бар ман шаҳр танг омад ба саҳро май рӯм

بی تو بر من شهر تنگ آمد به صحرا می روم

То ту рафтӣ аз барам бо кас надорам улфатӣ

تا تو رفتی از برم با کس ندارم الفتی

Гарчи бошад сад касами ҳамроҳ танҳо май рӯм

گرچه باشد صد کسم همراه تنها می‌روم

Ҳеҷ ҷой аз ваҳшат танҳоӣам набӯд малол

هیچ جای از وحشت تنهاییم نبود ملال

Мӯниси ҷонам хаёл туаст ҳар ҷо май рӯм

مونس جانم خیال توست هر جا می روم

По ба занҷири бало ҳар сӯи тлбгори туам

پا به زنجیر بلا هر سو طلبگار توام

Ошиқ вайронаам занҷир бар по май рӯм

عاشق ویرانه ام زنجیر بر پا می روم

Фии алмислгар зери пои ман буд гул ё ҳарир

فی المثل گر زیر پای من بود گل یا حریر

Гар на сӯй туаст раҳ бар хору хоро май рӯм

گر نه سوی توست ره بر خار و خارا می روم

Дар сулӯки ишқи ту ҳеҷам нагирад пеши роҳ

در سلوک عشق تو هیچم نگیرد پیش راه

Дар таҷарруди гом бар гоми масеҳо май рӯм

در تجرد گام بر گام مسیحا می روم

Гуфтам эй ҷони рӯ ки беҷонон нахоҳам зиндагӣ

گفتم ای جان رو که بی جانان نخواهم زندگی

Гуфт ҷомӣ сабр кун имрӯзу фардо май рӯм

گفت جامی صبر کن امروز و فردا می روم