эй зи хуршеди рахт то моҳи баъди алмшрқин

ای ز خورشید رخت تا ماه بعد المشرقین

Аҳли бенишро тамошои ҷамолати фарзи айн

اهل بینش را تماشای جمالت فرض عین

Рӯй ту чун маи аёни сари даҳонати баси ниҳон

روی تو چون مه عیان سر دهانت بس نهان

Дар миёни ин ва он мӯии миёнати байни байн

در میان این و آن موی میانت بین بین

Сбҳаҳ дар гардани Асо дар кафи мусалло бар китф

سبحه در گردن عصا در کف مصلا بر کتف

Пой то сари шайхи шӯҳрати ҷӯй мо шедасту шин

پای تا سر شیخ شهرت جوی ما شید است و شین

Устихонам шуд зи ғами сад пора ва ҳар пора Эй

استخوانم شد ز غم صد پاره و هر پاره ای

Зон мқомр пеша дорад доғҳои чун къбтин

زان مقامر پیشه دارد داغهای چون کعبتین

Ҷон ки аз лаби додеми бустон ба теғ аз ман мабод

جان که از لب دادیم بستان به تیغ از من مباد

Каз ҷаҳони бандами зи ишқати рахти адои нокардаи дайн

کز جهان بندم ز عشقت رخت ادا ناکرده دین

Сӯфии ин далқи муламмаъи сарфи ваҷҳ бода кун

صوفی این دلق ملمع صرف وجه باده کن

Дар либоси сӯрат аз риндон нишоед зебу зин

در لباس صورت از رندان نشاید زیب و زین

Азм масҷид кардам аз майхона пер мефуруш

عزم مسجد کردم از میخانه پیر میفروش

Гуфт ёр ӣнҷост ҷомии ин тмшии ин ин

گفت یار اینجاست جامی این تمشی این این