эй ба дилами гирифтаи ҷои дмбдм аз назари Марв

ای به دلم گرفته جا دمبدم از نظر مرو

Марҳами сина чун туе мардуми дидаи ҳам ту шӯ

مرهم سینه چون تویی مردم دیده هم تو شو

Хирман сабр шуд ба бод аз ғами умри коҳи ту

خرمن صبر شد به باد از غم عُمرکاه تو

Лек буд ҳазор азин бар чу туе ба ним ҷӯ

لیک بود هزار ازین بر چو تویی به نیم جو

Ман киу фикри офияти хосса ки шуд ба ишқи ту

من که و فکر عافیت خاصه که شد به عشق تو

Дил ба каманди ғами забуни ҷон ба кафи балои гарав

دل به کمند غم زبون جان به کف بلا گرو

Чанд ба ҳарзаи сўФёи гӯш ба бонг не наҳй

چند به هرزه، صوفیا! گوش به بانگ نی نهی

Ҳолату ваҷд боядат нолаи зори ман шинав

حالت و وجد بایدت ناله زار من شنو

Ғошияи ту чун кашами чашми пар ашк карда по

غاشیه تو چون کشم چشم پر اشک کرده پا

Пои ман обилаи ҳамаи борагии ту тезрав

پای من آبله همه بارگی تو تیزرو

Тухми шикеб куштаам ваа ки хаёли абрӯят

تخم شکیب کِشته‌ام وه که خیال ابرویت

Сабз нагашта кишти ман дос кашад паии дарав

سبز نگشته کشت من داس کشد پی درو

Ҷомии хастаро ки шуд куштаи теғи ғамзаи ?ут

جامی خسته را که شد کشته تیغ غمزه‌ات

Лаъли ҳаёти бахш ту дод ба хандаи ҷони ту

لعل حیات بخش تو داد به خنده جان نو