Ман кистам ки чашми гушойам ба рӯй ту
من کیستم که چشم گشایم به روی تو
Ин бас ки мекунам ба забон гуфту гӯии ту
این بس که می کنم به زبان گفت و گوی تو
эй орзӯии ҷон назарӣ кун ба ҳоли ман
ای آرزوی جان نظری کن به حال من
Зон пештар ки ҷони даҳум аз орзӯии ту
زان پیشتر که جان دهم از آرزوی تو
Холи ним зи фикри миёнати балии маро
خال نیم ز فکر میانت بلی مرا
Пайванд дигараст ба ҳар тори мӯии ту
پیوند دیگر است به هر تار موی تو
Ҳар субҳ мекунам чу сабои раҳи сӯии чаман
هر صبح می کنم چو صبا ره سوی چمن
Бошад ки ёбам аз гули наврустаи буии ту
باشد که یابم از گل نورسته بوی تو
Поем чу суда шуд ба раҳати баъди азин чу ашк
پایم چو سوده شد به رهت بعد ازین چو اشک
Ғалатам ба хӯну хоки паии ҷусту ҷӯии ту
غلطم به خون و خاک پی جست و جوی تو
Ман аҳл хон васли ним кош чун сегон
من اهل خوان وصل نیم کاش چون سگان
Сангӣ хӯрам ба сари зи муқӣмони кӯии ту
سنگی خورم به سر ز مقیمان کوی تو
Ин нақш нав кашида ғазал нест эй ғизол
این نقش نو کشیده غزل نیست ای غزال
Тӯмор меҳнатаст зи ҷомӣ ба сӯии ту
طومار محنت است ز جامی به سوی تو