намеравад умри гиронмоя ва мо ғофили азу
می رود عمر گرانمایه و ما غافل ازو
Ваа ки ҷузи меҳнат ва андӯҳ нашуд ҳосили азу
وه که جز محنت و اندوه نشد حاصل ازو
Дилхушӣ чанд ки мо ҳамсафар он моҳем
دلخوشی چند که ما همسفر آن ماهیم
Чун шавад даврии мо беш ба ҳар манзили азу
چون شود دوری ما بیش به هر منزل ازو
Сохт бе талъати худ рӯзу шаби мо моҳӣ
ساخت بی طلعت خود روز و شب ما ماهی
Он ки бурҷи мау хуршед буд маҳмили азу
آن که برج مه و خورشید بود محمل ازو
Қоматаши тӯбоу лаби кавсару рухи талъати ҳур
قامتش طوبی و لب کوثر و رخ طلعت حور
Кӣ буд равзаи фирдавс шудаи маҳфили азу
کی بود روضه فردوس شده محفل ازو
Хез то домани он тозаи гули орем ба каф
خیز تا دامن آن تازه گل آریم به کف
Чанд чун лола нишинем ба доғи дили азу
چند چون لاله نشینیم به داغ دل ازو
Шуд буруни сайли сиришк аз ҳад ва наздик расед
شد برون سیل سرشک از حد و نزدیک رسید
Ки пазиради халали ин сӯрати обу гули азу
که پذیرد خلل این صورت آب و گل ازو
Ҷомӣ аз зуҳду вараъи мушкил ишқаш нагушӯд
جامی از زهد و ورع مشکل عشقش نگشود
Ҷом май гири магар ҳал шавад ин мушкили азу
جام می گیر مگر حل شود این مشکل ازو