Нишоед эй маи хуршеди рухи туро рӯза
نشاید ای مه خورشید رخ تو را روزه
Ки нест бар мау хуршеди ҳеҷ ҷои рӯза
که نیست بر مه و خورشید هیچ جا روزه
Тани ту коҳаду ҷони ҳазор сӯхтаи дил
تن تو کاهد و جان هزار سوخته دل
Макун макун ки набошад туро равои рӯза
مکن مکن که نباشد تو را روا روزه
Басӣ намонад ки созад чу моҳи нави борӣк
بسی نماند که سازد چو ماه نو باریک
Марои фироқи ҷамоли ту ва туро рӯза
مرا فراق جمال تو و تو را روزه
Ҳазор рахна буд дар намозу рӯзаи зи ту
هزار رخنه بود در نماز و روزه ز تو
Куҷои ту кофари хӯни хорау куҷои рӯза
کجا تو کافر خون خواره و کجا روزه
зи рӯза хӯрдани моҳии мадори бими гуноҳ
ز روزه خوردن ماهی مدار بیم گناه
Ки мо ба узр ту дорем солҳо рӯза
که ما به عذر تو داریم سالها روزه
з ҳар чаҳ ғайр ту бастем роҳи дидау дил
ز هر چه غیر تو بستیم راه دیده و دل
Ки нест беҳтари азин дар тариқи мо рӯза
که نیست بهتر ازین در طریق ما روزه
Чу нест бар шукраши дастраси туро ҷомӣ
چو نیست بر شکرش دسترس تو را جامی
Ба оби дидау хӯни ҷигари гшои рӯза
به آب دیده و خون جگر گشا روزه