Гар рӯй бе ту марои доғи ҷигар тоза шавад
گر روی بی تو مرا داغ جگر تازه شود
Чун биёе ба туами меҳр дигар тоза шавад
چون بیایی به توام مهر دگر تازه شود
Тоза шуд хату рахт аз дами равшани нафасон
تازه شد خط و رخت از دم روشن نفسان
Чун гулу сабза ки аз боди саҳар тоза шавад
چون گل و سبزه که از باد سحر تازه شود
То шунидам ки буд ишқи ҳунар ҳар нафасӣ
تا شنیدم که بود عشق هنر هر نفسی
Дар дилами доъияи касби ҳунар тоза шавад
در دلم داعیه کسب هنر تازه شود
Сӯем аз хок дар хеш ғуборӣ бифирист
سویم از خاک در خویش غباری بفرست
Ки азон серумаи марои нури басар тоза шавад
که ازان سرمه مرا نور بصر تازه شود
Бас ки аз ҷаври рақибон дарат дар ранҷам
بس که از جور رقیبان درت در رنجم
Ҳар дам аз кӯии туами азми сафар тоза шавад
هر دم از کوی توام عزم سفر تازه شود
Дидаро шуд зи ғубори хати сабзати мижа тар
دیده را شد ز غبار خط سبزت مژه تر
Чун лаби ҷӯй ки аз сабзатар тоза шавад
چون لب جوی که از سبزه تر تازه شود
Ҷомии аинсон ки кунад шарҳи назарбозии хеш
جامی اینسان که کند شرح نظربازی خویش
Зуди азуи қоидаи илми назар тоза шавад
زود ازو قاعده علم نظر تازه شود