Дай чу ба бӯстони туро ҷо ба канор об шуд

دي چو به بوستان تو را جا به کنار آب شد

Оби зи акс рӯй ту чашма офтоб шуд

آب ز عکس روی تو چشمه آفتاب شد

Ҷуст ба боғ бе рахти лмъаҳи барқи оҳи ман

جست به باغ بی رخت لمعه برق آه من

Шохи дарахт шуъла зад мурғи чаман кабоб шуд

شاخ درخت شعله زد مرغ چمن کباب شد

Хостам аз худо ки дили моил меҳр гардадат

خواستم از خدا که دل مایل مهر گرددت

Дар ҳақи ту дуои ман шукр ки мустаҷоб шуд

در حق تو دعای من شکر که مستجاب شد

Мӯҳтасиби сабу шикан дид сафои ҷомӣ май

محتسب سبو شکن دید صفای جامِ می

Машраби мигсориши монеъ эҳтисоб шуд

مشرب میگساریش مانع احتساب شد

Раҳ ба ҳарими базми ту буд буруни зи вусъи ман

ره به حریم بزم تو بود برون ز وسع من

Сӯии туами зимоми каши замзама рубоб шуд

سوی توام زمام کش زمزمه رباب شد

Дидаи ақл тезбин шуд зи фурӯғи ишқи ту

دیده عقل تیزبین شد ز فروغ عشق تو

Ҳарчӣ хатои шимурда буд он ҳамагӣ савоб шуд

هرچه خطا شمرده بود آن همگی صواب شد

Ронад зи руста дарат ҷомии тнгдли сухан

راند ز رسته درت جامی تنگدل سخن

Риштаи назми дилкашаши силк дар хўшоб шуд

رشته نظم دلکشش سلک در خوشاب شد