Рахт ки бар маи рахшони хаттии з нил кашид
رخت که بر مه رخشان خطی ز نیل کشید
Ба чашми равшани ошиқи зи серума майл кашид
به چشم روشن عاشق ز سرمه میل کشید
Камоли сунъи азалро туе далел ро
کمال صنع ازل را تویی دلیل را
Хати ту ҳарфи хато бар рух далел кашид
خط تو حرف خطا بر رخ دلیل کشید
Дилам ки дид лабати пеш рӯй ташнаи лбист
دلم که دید لبت پیش روی تشنه لبیست
Ки дар биҳишти барин ҷом слсбил кашид
که در بهشت برین جام سلسبیل کشید
Ба зери зулфи рахти офтоб авҷ бақост
به زیر زلف رخت آفتاب اوج بقاست
Ки сояи бон ба сар аз пар Ҷабраил кашид
که سایه بان به سر از پر جبرئیل کشید
Ғуломи пери Муғонам ки баҳри ташнаи дилон
غلام پیر مغانم که بهر تشنه دلان
Ба роҳи майкадаи хам месиблат кашид
به راه میکده خم می سبیل کشید
зи дарди бодаи марои ркўаҳ пар кун эй соқӣ
ز درد باده مرا رکوه پر کن ای ساقی
Ки мейри қофилаи гулбонг алрҳил кашид
که میر قافله گلبانگ الرحیل کشید
Бибоз нақди равони баҳр ҳар ҷавони ҷомӣ
بباز نقد روان بهر هر جوان جامی
Ки пери мо рақами куфр бар бахил кашид
که پیر ما رقم کفر بر بخیل کشید