Чу аз тани тири ту ҷонро бдздд
چو از تن تیر تو جان را بدزدد
зи тирати синаи пайконро бдздд
ز تیرت سینه پیکان را بدزدد
Гурезам дар худо чун байнами он чашм
گریزم در خدا چون بینم آن چشم
Мабод он кофари имонро бдздд
مباد آن کافر ایمان را بدزدد
Хатати бнҳФти лабро дар шигифтам
خطت بنهفت لب را در شگفتم
Ки чун Хизри оби ҳайвонро бдздд
که چون خضر آب حیوان را بدزدد
Занад шаби рахнаи дил дар боғи васлат
زند شب رخنه دل در باغ وصلت
Ки то себи занхдонро бдздд
که تا سیب زنخدان را بدزدد
Шаб ошиқ нагардад бе ту равшан
شب عاشق نگردد بی تو روشن
Вагар худ моҳи тобонро бдздд
وگر خود ماه تابان را بدزدد
Чаҳ бошад каз адам дуздӣ занад нақб
چه باشد کز عدم دزدی زند نقب
зи умрами рӯзи ҳиҷронро бдздд
ز عمرم روز هجران را بدزدد
Чу лаб шуд хон ҳасанатро намакдон
چو لب شد خوان حسنت را نمکدان
Дилам хоҳад намакдонро бдздд
دلم خواهد نمکدان را بدزدد
Чу хонд шеъри ҷомиро схндон
چو خواند شعر جامی را سخندان
На танҳо шеъри девонро бдздд
نه تنها شعر دیوان را بدزدد