Дили бози саросемаи симин зқнӣ шуд

دل باز سراسیمه سیمین ذقنی شد

Мафтӯни шикаррезии ширин суханӣ шуд

مفتون شکرریزی شیرین سخنی شد

Ҳарчанд ки сад захми зи ханҷар ба танам зад

هرچند که صد زخم ز خنجر به تنم زد

Ҳар як пай бӯсидани дасташ даҳанӣ шуд

هر یک پی بوسیدن دستش دهنی شد

Баси шаҳ ки чу хусрави лаби ширини ту чун дид

بس شه که چو خسرو لب شیرین تو چون دید

Дар кӯҳ зад аз ишқи сар ва кӯҳканӣ шуд

در کوه زد از عشق سر و کوهکنی شد

Аз бас ки зи ишқам шудаи машҳур ба ҳар кӯй

از بس که ز عشقم شده مشهور به هر کوی

Ҳарҷо ки нишастам з батон анҷуманӣ шуд

هرجا که نشستم ز بتان انجمنی شد

Бркштаҳи ишқи ту зи дили бастаи ҷигари хӯн

برکشته عشق تو ز دل بسته جگر خون

Бингар ки шаҳиди ту чаҳ хунин кафанӣ шуд

بنگر که شهید تو چه خونین کفنی شد

То аз ту қабои монеъи ман гашт ба тангам

تا از تو قبا مانع من گشت به تنگم

Хуши онкии ҳамин монеъ ӯ перҳанӣ шуд

خوش آنکه همین مانع او پیرهنی شد

Ҷомӣ ки зи ақлу адаби афтода ба ишқ аст

جامی که ز عقل و ادب افتاده به عشق است

Дар меҳнати ин кори аҷаб мумтаҳанӣ шуд

در محنت این کار عجب ممتحنی شد