Марост бе рухи ту шоде ба ғами наздик
مراست بی رخ تو شادیی به غم نزدیک
Шабӣу рӯзӣ дар тирагӣ ба ҳам наздик
شبی و روزی در تیرگی به هم نزدیک
Шаби фироқи ту аз ҳади гузашт кӣ бошад
شب فراق تو از حد گذشت کی باشد
Ки ояд ин шаби меҳнат ба субҳдами наздик
که آید این شب محنت به صبحدم نزدیک
Бараст зи офати имсоки зуҳд ҳар ки нишаст
برست ز آفت امساک زهد هر که نشست
зи хами бода ба сарчашмаи карами наздик
ز خم باده به سرچشمه کرم نزدیک
Мнози гӯи шаҳи даврон ба ҷоми ҷам ки буд
مناز گو شه دوران به جام جم که بود
Суфоли майкадаи мо ба ҷоми ҷами наздик
سفال میکده ما به جام جم نزدیک
Чу шавқи қоиди раҳрав буд набошад давр
چو شوق قاید رهرو بود نباشد دور
Гараш ба дидаи намояди раҳи ҳарами наздик
گرش به دیده نماید ره حرم نزدیک
Чу реги гарми дусади кӯҳ оташаст ба роҳ
چو ریگ گرم دوصد کوه آتش است به راه
Маро чаҳ Зуҳра ки сӯяти нуҳуми қадами наздик
مرا چه زهره که سویت نهم قدم نزدیک
Рахти зи дидатар доманони нигаҳ май дор
رخت ز دیده تر دامنان نگه می دار
Ки кам наад касе ойӣнаро ба нами наздик
که کم نهد کسی آیینه را به نم نزدیک
зи илму фазл чаҳ лофам ки даҳр май синҷид
ز علم و فضل چه لافم که دهر می سنجد
Матоъ беш з бешам ба кам з кам наздик
متاع بیش ز بیشم به کم ز کم نزدیک
Мабош ғмздаҳи ҷомӣ ки корвони вуҷӯд
مباش غمزده جامی که کاروان وجود
Расидааст ба сарманзили адами наздик
رسیده است به سرمنزل عدم نزدیک