МстФоиӣ ба сафои ду руху лаъли ту ол

مصطفایی به صفای دو رخ و لعل تو آل

Абрӯу холи сиёҳи ту ҳилоласту балол

ابرو و خال سیاه تو هلال است و بلال

Сӯрати бинии симини ту ангушти набии сет

صورت بینی سیمین تو انگشت نبی ست

Ки рахт гашта ду нимаст азуи моҳи мисол

که رخت گشته دو نیم است ازو ماه مثال

Тарафи рӯят ба хати сабз буд лавҳ кулем

طرف رویت به خط سبز بود لوح کلیم

Ки бар ӯ карда ядуллоҳи рақами оёти ҷамол

که بر او کرده یدالله رقم آیات جمال

Нест гнҷоиии мстқблу мозии мо ро

نیست گنجایی مستقبل و ماضی ما را

Маркази ҳиммат мо нест биҷузи нуқтаи ҳол

مرکز همت ما نیست بجز نقطه حال

Шавем аз ашк надам майл май аз дили ҳошо

شویم از اشک ندم میل می از دل حاشا

Кӣ ба шўробаҳ қаноат кунам аз оби зулол

کی به شورآبه قناعت کنم از آب زلال

Мӯҳтасиби хам ва сабу мешаканд риндии кӯ

محتسب خم و سبو می شکند رندی کو

Каш кунад риштар аз дарду тарошад ба суфол

کش کند ریش تر از درد و تراشد به سفال

Май ба ъушрати талабони даҳ ки буд ҷомӣ ро

می به عشرت طلبان ده که بود جامی را

Қадаҳ аз дидаи пару дидаи зи дили моломол

قدح از دیده پر و دیده ز دل مالامال