эй пои дили зи зулфат дар анбарин слосл
ای پای دل ز زلفت در عنبرین سلاسل
Зини анбарин слосли мушкили халосии дил
زین عنبرین سلاسل مشکل خلاصی دل
Орад ба ҳуши занҷири онро ки гашти маҷнӯн
آرد به هوش زنجیر آن را که گشت مجنون
Занҷири ту рабӯдаи ҳуши ҳазор оқил
زنجیر تو ربوده هوش هزار عاقل
Ҳаргиз нашуд хаёлати давр аз муқобили ҷон
هرگز نشد خیالت دور از مقابل جان
Моро хаёлати оре бо ҷон буд муқобил
ما را خیالت آری با جان بود مقابل
Гулҳо ба васфи рӯяти рангин рсоил омад
گلها به وصف رویت رنگین رسایل آمد
Карда сабои таку пў дар нашри он рсоил
کرده صبا تک و پو در نشر آن رسایل
Дил монад ва он занхдон гарчи баромадаши ҷон
دل ماند و آن زنخدان گرچه برآمدش جان
Њорутро чаҳ имкони растан аз чоҳи Бобул
هاروت را چه امکان رستن از چاه بابل
Ҳодии зи оби чашмам гул шуд ҳамаи биёбон
حادی ز آب چشمم گل شد همه بیابان
Баҳри худо ки тай кун зикри ҳабибу манзил
بهر خدا که طی کن ذکر حبیب و منزل
Дар назму насри ҷомии васф ту гуяду бас
در نظم و نثر جامی وصف تو گوید و بس
Ллаҳи хайри нозими ллаҳ дар қоил
لله خیر ناظم لله در قائل