Саҳаргоҳон ки аз боди сабои буи баҳорон зад

سحرگاهان که از باد صبا بوی بهاران زد

Ба гулгашти чамани булбули салоӣ мигсорон зад

به گلگشت چمن بلبل صلای میگساران زد

Набошад ҷуз барои мигсорони арсаи бустон

نباشد جز برای میگساران عرصه بستان

Ки ҷорубаши насими субҳу обаши ршҳ борон зад

که جاروبش نسیم صبح و آبش رشح باران زد

зи гул ҳар гулбун омад глъзории хурраму хандон

ز گل هر گلبن آمد گلعذاری خرم و خندان

Хуши он каси кӯ май гулгун ба рӯй глъзорон зад

خوش آن کس کو می گلگون به روی گلعذاران زد

Мҷу аз хати даври ҷоми софии ҳарфи ҷамъият

مجو از خط دور جام صافی حرف جمعیت

Ки даврони ин рақамро бар суфоли дард хорон зад

که دوران این رقم را بر سفال درد خواران زد

Ба айб орифон бикшод лаби шайхи дғопишаҳ

به عیب عارفان بگشاد لب شیخ دغاپیشه

Бибин қуллобро чун таъна бар соҳиб айёрон зад

ببین قلاب را چون طعنه بر صاحب عیاران زد

Бадв кардам рухи умеди ҷуст аз кӯй ӯ бодӣ

بدو کردم رخ امید جست از کوی او بادی

Ғубори ноумедӣ дар рух умедворон зад

غبار ناامیدی در رخ امیدواران زد

Мунаққаши гашти девораши зи хӯни ошиқи бедил

منقش گشت دیوارش ز خون عاشق بیدل

Бар онҷои бас ки сар чун хомаи сӯрат нигорон зад

بر آنجا بس که سر چون خامه صورت نگاران زد

Нарафт аз ҷои дили ман бо хаёли хайли мижгонаш

نرفت از جا دل من با خیال خیل مژگانش

Чу султони диловар бар саф хнҷргзорон зад

چو سلطان دلاور بر صف خنجرگذاران زد

Мғиси аддавлаи ёқӯби он ки буд ӯ мақсади аслӣ

مغیث الدوله یعقوب آن که بود او مقصد اصلی

Чу гардуни сиккаи давлат ба ном шаҳриёрон зад

چو گردون سکه دولت به نام شهریاران زد

Дуои давлат ӯ дошт ҷомии гӯйии истидъо

دعای دولت او داشت جامی گویی استدعا

Ки дасти масъалат дар доман парҳезгорон зад

که دست مسئلت در دامن پرهیزگاران زد