Ҷавоби номаи ёқӯби султон
جواب نامه یعقوب سلطان
Табораки аллоҳи азин тоири ҳумоюни фол
تبارک الله ازین طایر همایون فال
Хуҷастаи номаи иқболи баста бар пару бол
خجسته نامه اقبال بسته بر پر و بال
На номаи нофае аз машки холиси омадаи пар
نه نامه نافه ای از مشک خالص آمده پر
На нофаи таблае аз атри ноби моломол
نه نافه طبله ای از عطر ناب مالامال
Манасаи исти з кофур карда соз ва бар ӯ
منصه ایست ز کافور کرده ساز و بر او
Намӯда ҷилваи арӯсони анбарин србол
نموده جلوه عروسان عنبرین سربال
На шоҳидӣаст ки машшотагони калаки бенон
نه شاهدیست که مشاطگان کلک بنان
зи ҳарф ва нуқта ниҳоданд бар Рахши хату хол
ز حرف و نقطه نهادند بر رخش خط و خال
зи тору пуди шабу рӯзи бофтаи сет ба ҳам
ز تار و پود شب و روز بافته ست به هم
Надидаи чархи нсиҷии аҷаби бад-ӣни минвол
ندیده چرخ نسیجی عجب بدین منوال
Фарози лавҳи баёзаши хутути силсила ҳост
فراز لوح بیاضش خطوط سلسله هاست
Ки карда боди аён аз тмўҷи слсол
که کرده باد عیان از تموج سلسال
зи гӯшвораи худ ҳури айни фиристодаи сет
ز گوشواره خود حور عین فرستاده ست
Ба ошиқони биҳишти барин ъқуди лол
به عاشقان بهشت برین عقود لال
Сухан дуруст бигӯям дабири шоҳи ҷаҳон
سخن درست بگویم دبیر شاه جهان
Ба дастгирии афтодагони навиштаи мисол
به دستگیری افتادگان نوشته مثال
Тршҳисти зи дарёии лутфу рأФт ӯ
ترشحیست ز دریای لطف و رأفت او
Ки дода ташнаи лабонро хавоси оби зулол
که داده تشنه لبان را خواص آب زلال
Зиҳии зи боғи латофати қади ту тозаи ниҳол
زهی ز باغ لطافت قد تو تازه نهال
зи шарҳи сари даҳонати забони нотиқаи лол
ز شرح سر دهانت زبان ناطقه لال
Хаёли мӯии миён ту мекунам шабу рӯз
خیال موی میان تو می کنم شب و روز
Чу нест давлати васли ту сохтам ба хаёл
چو نیست دولت وصل تو ساختم به خیال
Бидиҳ зи лаъли лабат бе суоли коми дилам
بده ز لعل لبت بی سوال کام دلم
Ки нест куштаи ишқи туро забони суол
که نیست کشته عشق تو را زبان سوال
Куҷо ба базми ту гнҷоиим буд ҳар чанд
کجا به بزم تو گنجاییم بود هر چند
зи мӯя бе ту чу мӯе шудам зи нола чу на?ил
ز مویه بی تو چو مویی شدم ز ناله چو نال
Маро чаҳ роҳи гузаштан ба сӯии ту ин бас
مرا چه راه گذشتن به سوی تو این بس
Ки бигузарам ба дили муҳаррамони базми висол
که بگذرم به دل محرمان بزم وصال
зи шавқи онкии нуҳуми рӯ ба пои ту чу рикоб
ز شوق آنکه نهم رو به پای تو چو رکاب
Ба чеҳраи хӯни дилами баста аз ду дидаи дўол
به چهره خون دلم بسته از دو دیده دوال
Ба маҷлисӣ ки броиӣ ба садр чун хуршед
به مجلسی که برآیی به صدر چون خورشید
Ниҳанд рӯй ҳилоли абрувон ба сафи нъол
نهند روی هلال ابروان به صف نعال
Набоядам кафи роҳат ба сари зи каси кини гӯй
نبایدم کف راحت به سر ز کس کین گوی
Гирифтаи хуй ба чавгон туаст дар ҳамаи ҳол
گرفته خوی به چوگان توست در همه حال
Гурезии азмни бедили дарин киришма ба ту
گریزی ازمن بیدل درین کرشمه به تو
намерасад ба так тези наврасидаи ғизол
نمی رسد به تک تیز نورسیده غزال
Хисоли хеш накӯ кун вагар на хоҳам барад
خصال خویش نکو کن و گر نه خواهم برد
Шикоят аз ту ба даргоҳи шоҳи неки хисол
شکایت از تو به درگاه شاه نیک خصال
Муғяти давлату дайни шаҳриёр рӯй замин
مغیت دولت و دین شهریار روی زمین
Сипеҳри ҷӯаду карами офтоби ъзу ҷалол
سپهر جود و کرم آفتاب عز و جلال
Баланди мартабаи ёқӯби бен ҳасан ки буд
بلند مرتبه یعقوب بن حسن که بود
Ъдили Юсуфи канъон ба Мисри ҷоҳу ҷамол
عدیل یوسف کنعان به مصر جاه و جمال
Шҳншҳӣ ки кунад накҳати шамоил ӯ
شهنشهی که کند نکهت شمایل او
Пар аз абири канори сабоу ҷайби шимол
پر از عبیر کنار صبا و جیب شمال
Ҷнибтии сет ҳамоно зи ҷяши нусрат ӯ
جنیبتی ست همانا ز جیش نصرت او
Ки басти Рахши фалакро замонаи наъли ҳилол
که بست رخش فلک را زمانه نعل هلال
зи астдорти чатри сипеҳр рифъат ӯст
ز استدارت چتر سپهر رفعت اوست
Ки мстдир илм шуд бофазли алошкол
که مستدیر علم شد بافضل الاشکال
Фсиҳтри з ҷаҳонаст соҳати карамаш
فسیحتر ز جهان است ساحت کرمش
Ки шуд қўоФли омолро мҳти рҳол
که شد قوافل آمال را محط رحال
Ба қадари ҷӯади худ ар сим ва зар бипаймоед
به قدر جود خود ار سیم و زر بپیماید
Ба арзи арзу самовот боядаш мкёл
به عرض ارض و سماوات بایدش مکیال
Ҳасуди савлати қаҳраш чудид сохт тиҳӣ
حسود صولت قهرش چو دید ساخت تهی
Дил аз тасаввури ботили сар аз хаёли маҳол
دل از تصور باطل سر از خیال محال
Ба забти малик буд фориғ аз муширу вазир
به ضبط ملک بود فارغ از مشیر و وزیر
Басаст рои ваии ин шуғлро ба истиқлол
بس است رای وی این شغل را به استقلال
Ба ҷанби кӯҳи виқори замин қарораш ҳаст
به جنب کوه وقار زمین قرارش هست
Ҳамаи ҷиболи рўосӣ ба қадари як мисқол
همه جبال رواسی به قدر یک مثقال
Хамида шуд тани аъдо чу долу найза ӯ
خمیده شد تن اعدا چو دال و نیزه او
Гирифт ҷой ба сони алифи миёнаи дол
گرفت جای به سان الف میانه دال
Навол ӯ нашуд аз бенавои ҷудои ҳаргиз
نوال او نشد از بینوا جدا هرگز
Бидон масоба ки набӯд ҷудои наво з навол
بدان مثابه که نبود جدا نوا ز نوال
Ба нақси ҷаҳли куҷои дил наад ки кард худоӣ
به نقص جهل کجا دل نهد که کرد خدای
Ба сина аз дами ъисиши нафхи илму камол
به سینه از دم عیسیش نفخ علم و کمال
Чигуна роҳ залолат равад ки эзади азу
چگونه راه ضلالت رود که ایزد ازو
Ба нури наҷм ҳудо кард рҷми деви залол
به نور نجم هدی کرد رجم دیو ضلال
Ҷаҳони пноҳо эй аҳли малику миллат ро
جهان پناها ای اهل ملک و ملت را
Дар ту қиблаи иқболу каъбаи омол
در تو قبله اقبال و کعبه آمال
Ту офтобӣу машҳун ба меҳри мурсала Эй
تو آفتابی و مشحون به مهر مرسله ای
Ба сӯии зарра ночиз кардае ирсол
به سوی ذره ناچیز کرده ای ارسال
Саҳифае ки чу мишкӣни хатони нӯшин лаб
صحیفه ای که چو مشکین خطان نوشین لب
Рабӯди ҳуши ман аз ҳасани хату лутфи мақол
ربود هوش من از حسن خط و لطف مقال
Ҷавоби он чаҳ ҳади ман ки аз хирад давр аст
جواب آن چه حد من که از خرد دور است
Ба пеши ақди гуҳари арзи муҳраҳои суфол
به پیش عقد گهر عرض مهره های سفال
Шикастаи назмии мсҳўб қосидат кардам
شکسته نظمی مصحوب قاصدت کردم
Ки баст узр кунад пеши ту ба вақти маҷол
که بسط عذر کند پیش تو به وقت مجال
зи халқҳои Каримона ту ме дорам
ز خلقهای کریمانه تو می دارم
Умед онкӣ кунӣ бар қабули он иқбол
امید آنکه کنی بر قبول آن اقبال
Сухан гузорем аз ҳади гузашт азон тарсам
سخن گذاریم از حد گذشت ازان ترسم
Ки дар ҷабин қабулат фитад шиканҷи малол
که در جبین قبولت فتد شکنج ملال
Дуои ҷоҳ ту гӯям ки норасида ҳануз
دعای جاه تو گویم که نارسیده هنوز
Ба осмон кунад онро иҷобати истиқбол
به آسمان کند آن را اجابت استقبال
Ҳамеша то ки дарин ғмсрои ҳодисаи зой
همیشه تا که درین غمسرای حادثه زای
Буд зи сайри мау меҳри гардиши мау сол
بود ز سیر مه و مهر گردش مه و سال
Улувва нири иқболи ту бар авҷи шараф
علو نیر اقبال تو بر اوج شرف
зи офтоби фузуни бод бе газанди завол
ز آفتاب فزون باد بی گزند زوال
Қазои муовини ту « болъшӣу алошроқ »
قضا معاون تو« بالعشی و الاشراق »
Қадари мувофиқи ту « болғдўи волосол »
قدر موافق تو«بالغدو والاصال »