Субҳи азал ба хомаи заррини офтоб

صبح ازل به خامه زرین آفتاب

Бар лавҳи сим чарх навиштанд ин хитоб

بر لوح سیم چرخ نوشتند این خطاب

Кини сабзи хишти мадриса зарнигор нест

کین سبز خشت مدرسه زرنگار نیست

Ҷузи баҳр ҳар ҳунари талаби дониши китоб

جز بهر هر هنر طلب دانش کتاب

Битарош ҳарфҳои ҷаҳолати зи дил ки ҳаст

بتراش حرفهای جهالت ز دل که هست

Хатҳои нодурусти сияҳи рӯеи китоб

خطهای نادرست سیه رویی کتاب

Бошад лбоби оламёни навъи одамӣ

باشد لباب عالمیان نوع آدمی

Ҳастанд зумраи уламои лаби он лбоб

هستند زمره علما لب آن لباب

Хобат шавад ибодат агар зонка чанд шаб

خوابت شود عبادت اگر زانکه چند شب

Брхўд кунӣ ҳароми дарин маҳди ҷаҳди хоб

برخود کنی حرام درین مهد جهد خواب

Аз нури субҳи шеби куҷои баҳраи вари шӯй

از نور صبح شیب کجا بهره ور شوی

Дӯди чароғ агар нахурӣ дар шаби шабоб

دود چراغ اگر نخوری در شب شباب

Бошад маҷомеъи уламои равзаҳои қудс

باشد مجامع علما روضه های قدس

Худро ба он риёзи каш аз мартаъи дўоб

خود را به آن ریاض کش از مرتع دواب

Ноаҳлро ба илм махон зонка мушкил аст

نااهل را به علم مخوان زانکه مشکل است

Аз ршҳи абри маҳви савод аз пари ғроб

از رشح ابر محو سواد از پر غراب

Ҷонро ҳиҷоби ҷаҳли ъзобисти сахти талх

جان را حجاب جهل عذابیست سخت تلخ

Аз инҳирофи табъ буд ъзбти ин азоб

از انحراف طبع بود عذبت این عذاب

Шояд бибинӣ ончии бибинанди аҳли дил

شاید ببینی آنچه ببینند اهل دل

Бигушо зи пеши дидаи ҷони худ ин ҳиҷоб

بگشا ز پیش دیده جان خود این حجاب

Дрксб илм кӯш ки клб аз муъаллимӣ

درکسب علم کوش که کلب از معلمی

Ояд буруни зи мнқсти соири клоб

آید برون ز منقصت سایر کلاب

Беҳтари зи кунҷ мадриса набӯд туро паноҳ

بهتر ز کنج مدرسه نبود تو را پناه

Зини даҳри пари ҳаводису чархи пари инқилоб

زین دهر پر حوادث و چرخ پر انقلاب

Масти шароб кибр шудӣ аз хаёли илм

مست شراب کبر شدی از خیال علم

То дар ту оқибат чаҳ хумори оради ин шароб

تا در تو عاقبت چه خمار آرد این شراب

Гум кардае ба масаълае чанд хеш ро

گم کرده ای به مسئله ای چند خویش را

Даракаш ба ҷайби фикри сару хешро биёб

درکش به جیب فکر سر و خویش را بیاب

Хоҳӣ ки тавсани фалаки оре ба зери рон

خواهی که توسن فلک آری به زیر ران

Исо сифат барор хари худ азин хлоб

عیسی صفت برآر خر خود ازین خلاب

Хурдӣ ба фазли ҷой бузургон макун талаб

خردی به فضل جای بزرگان مکن طلب

Баси Тифли тиздў ки ба рӯй уфтад аз шитоб

بس طفل تیزدو که به روی افتد از شتاب

Мантиқ кунад ба фикри савоб аз хатои ҷудо

منطق کند به فکر صواب از خطا جدا

Дорад натиҷаи мантиқи ту фикри носавоб

دارد نتیجه منطق تو فکر ناصواب

Ашколи илми ҳайат ботин накарда ҳал

اشکال علم هیئت باطن نکرده حل

зи ашколи ҳандасӣат чаҳ гирад касе ҳисоб

ز اشکال هندسیت چه گیرد کسی حساب

Дилро ба оби зуҳду вараъи даҳ таҳоратӣ

دل را به آب زهد و ورع ده طهارتی

Кин бошад аз китоби ҳидояти нахусти боб

کین باشد از کتاب هدایت نخست باب

Аз охури ҳазизи тамаъи бозкши Аннан

از آخور حضیض طمع بازکش عنان

То шаҳсавори авҷи фалаки бўсдти рикоб

تا شهسوار اوج فلک بوسدت رکاب

Аз марҷаъу моби худии монда бе хабар

از مرجع و مآب خودی مانده بی خبر

Зон мекунӣ з бе хабарони марҷаъу моб

زان می کنی ز بی خبران مرجع و مآب

Созӣ рафеъ аз дар дунони ҷаноби хеш

سازی رفیع از در دونان جناب خویش

эй хок бар сари ту азин рифъати ҷаноб

ای خاک بر سر تو ازین رفعت جناب

Пеши ори ғайритӣ ки з хон нўолшон

پیش آر غیرتی که ز خوان نوالشان

« ани зби об » нест магари сирати збоб

«ان ذب آب » نیست مگر سیرت ذباب

Сяти камоли ту з риёзат шавад баланд

صیت کمال تو ز ریاضت شود بلند

Аз косаи тиҳӣ буд овозаи рубоб

از کاسه تهی بود آوازه رباب

Аз тавқи ҳукми калаки ту гардан наме кашад

از طوق حکم کلک تو گردن نمی کشد

Ҳар чанд теғи малик буд молики рқоб

هر چند تیغ ملک بود مالک رقاب

Маъмури ботинӣ ки паии касбу кори илм

معمور باطنی که پی کسب و کار علم

Ин корхонаи сохт дарин олами хароб

این کارخانه ساخت درین عالم خراب

Аз ҷилваҳои шоҳиди иқболи сармадӣ

از جلوه های شاهد اقبال سرمدی

Бодаш ҳамеша вақти хушу айши мустатоб

بادش همیشه وقت خوش و عیش مستطاب

Ҳастам умедвор аз эҳсони кирдигор

هستم امیدوار از احسان کردگار

Каши ъоҷлои сано буду оҷлои савоб

کش عاجلا ثنا بود و آجلا ثواب