Бро ба пои хиради гирди он баромадаи кох

برآ به پای خرد گرد آن برآمده کاخ

Дарой дар ҳарами инси қудсёни густох

درآی در حرم انس قدسیان گستاخ

Буруни зи ҳису ҷиҳати садҳазори ҷаҳон

برون ز حس و جهت صدهزار جهان

Чаҳ танги сохтае бар худ ин ҷаҳони фарох

چه تنگ ساخته ای بر خود این جهان فراخ

Ба сарбаландии кохи ҷалолу ҷоҳи мноз

به سربلندی کاخ جلال و جاه مناز

Каз инқилоби замон хок гардад охири кох

کز انقلاب زمان خاک گردد آخر کاخ

Чу дили зи зарқу риё пок нест эй сӯфӣ

چو دل ز زرق و ریا پاک نیست ای صوفی

Чаҳ суди далқи риёи пок шустан аз аўсох

چه سود دلق ریا پاک شستن از اوساخ

Буд зи қӯти ирфони тзлли ориф

بود ز قوت عرفان تذلل عارف

Балии зи парии мива буд тавозуъи шох

بلی ز پری میوه بود تواضع شاخ

Чу дарди ишқи надорӣ сироятӣ накунад

چو درد عشق نداری سرایتی نکند

Агар ба чархи расонии нафири оўху ох

اگر به چرخ رسانی نفیر آوخ و آخ

зи шайхи чиллаи ҳазари ҷомё ки ме нагазад

ز شیخ چله حذر جامیا که می نگزد

Дубораи мори хирадмандро зи як сӯрох

دوباره مار خردمند را ز یک سوراخ