Лаъли лаби ту ашки марои хӯн ноб кард
لعل لب تو اشک مرا خون ناب کرد
Зон шишаҳои сабзи фалаки пар шароб кард
زان شیشه های سبز فلک پر شراب کرد
Акс рахт намӯд дар ойӣнаи сипеҳр
عکس رخت نمود در آیینه سپهر
Номаши хирад ба шаби мау рӯз офтоб кард
نامش خرد به شب مه و روز آفتاب کرد
Муштоқи ту ба чашма хур мекунад назар
مشتاق تو به چشمه خور می کند نظر
Ташнаи зи шавқи оби ҳавоӣ сароб кард
تشنه ز شوق آب هوای سراب کرد
Дил кард ёд рӯй туу дидаи ашки рехт
دل کرد یاد روی تو و دیده اشک ریخت
Ҳргл ки чиди дили зи ту чашм гулоб кард
هرگل که چید دل ز تو چشم گلاب کرد
Фикри хати изору лабати сафҳаи дилам
فکر خط عذار و لبت صفحه دلم
Пари хати гӯнаи гӯна чу пушт китоб кард
پر خط گونه گونه چو پشت کتاب کرد
Май хостами камонча задани риши зуҳд ро
می خواستم کمانچه زدن ریش زهد را
Ин корро ба коми дили ман рубоб кард
این کار را به کام دل من رباب کرد
Ҷомӣ ки дар шабоби з меаҳд карда буд
جامی که در شباب ز می عهد کرده بود
Перонаи сари талофии аҳд шабоб кард
پیرانه سر تلافی عهد شباب کرد