Ҷилваи гули рахт аз турра чун сунбул кард
جلوه گل رخت از طره چون سنبل کرد
Каҷаи ҳиндӯии зулфи кчаҳи бозат гул кард
کجه هندوی زلف کچه بازت گل کرد
Боғбони зулфи сияҳи бргли рухсор ту дид
باغبان زلف سیه برگل رخسار تو دید
Ёди ҷаъди гиреҳи андари гиреҳ сунбул кард
یاد جعد گره اندر گره سنبل کرد
Бо ту гули сари зи гиребони латофати барзад
با تو گل سر ز گریبان لطافت برزد
Ҷомаро бар тан ӯ боди сабои ҷл ҷл кард
جامه را بر تن او باد صبا جل جل کرد
Хонаи мурғи дилами шохи сари тӯбо буд
خانه مرغ دلم شاخ سر طوبی بود
Оқибати хонаи худ дар сари он кокул кард
عاقبت خانه خود در سر آن کاکل کرد
Ошиқи маст ки дар базми чамани наъра зан аст
عاشق مست که در بزم چمن نعره زن است
Косаи доряши гулу мутрибяш булбул кард
کاسه داریش گل و مطربیش بلبل کرد
Киштии бодаи паёпаии пули дарёӣ ғам аст
کشتی باده پیاپی پل دریای غم است
Вақти он хуш ки иморатгарии ин пул кард
وقت آن خوش که عمارتگری این پل کرد
Ҷомӣ аз ҷоми ҷмолисти ғзлхўон ки ба боғ
جامی از جام جمالیست غزلخوان که به باغ
Гулбун аз ҷуръае он соғари гули пар мл кард
گلبن از جرعه ای آن ساغر گل پر مل کرد