Ҳар кас ки суди чеҳра ба роҳи ту суд кард
هر کس که سود چهره به راه تو سود کرد
Дар рӯй ту ҷамоли азалро суҷуд кард
در روی تو جمال ازل را سجود کرد
Мискини фақиҳи гӯши ишорат шинав надошт
مسکین فقیه گوش اشارت شنو نداشت
Манъи самоъи замзамаи чанг ва авд кард
منع سماع زمزمه چنگ و عود کرد
Дерӣаст мезанад дами иршоди шайхи шаҳр
دیریست می زند دم ارشاد شیخ شهر
Он норасидаи даъвии ин кор зуд кард
آن نارسیده دعوی این کار زود کرد
Сӯфӣ надошт ҷозибаи сайди ҳеҷ кас
صوفی نداشت جاذبه صید هیچ کس
Корӣ ки кард сбҳаҳу далқ кабӯд кард
کاری که کرد سبحه و دلق کبود کرد
Зоҳиди набарди роҳ ба сарманзили фано
زاهد نبرد راه به سرمنزل فنا
Бечора чун таҳаммули бор вуҷӯд кард
بیچاره چون تحمل بار وجود کرد
Афсурдагон ба соҳил ҳурмон нишаста анд
افسردگان به ساحل حرمان نشسته اند
Хуши он ки ҷо ба лаҷаи баҳр шуҳуд кард
خوش آن که جا به لجه بحر شهود کرد
Ҷомӣ ҳамеша буд хароб аз сурӯди ишқ
جامی همیشه بود خراب از سرود عشق
Омад садои неи мадади он сурӯд кард
آمد صدای نی مدد آن سرود کرد