Чаҳ лутф буд ки ширини шамоил ман кард
چه لطف بود که شیرین شمایل من کرد
Ки шаби нузули каромат ба манзил ман кард
که شب نزول کرامت به منزل من کرد
Дуои аҳл сафо карда ҳрзи бозуии хеш
دعای اهل صفا کرده حرز بازوی خویش
Нишасту соиди симини ҳамоил ман кард
نشست و ساعد سیمین حمایل من کرد
Ниҳод бар дили ман дасту роҳат аз ҳар сӯ
نهاد بر دل من دست و راحت از هر سو
зи дастёрӣ ӯ рӯй бо дил ман кард
ز دستیاری او روی با دل من کرد
Ҳзормшклм аз дарди ишқ дар дил буд
هزارمشکلم از درد عشق در دل بود
Ба як ду нуктаи лабаши ҳали мушкил ман кард
به یک دو نکته لبش حل مشکل من کرد
Чу шамъи маҳфил ман шуд Рахш чу парвона
چو شمع محفل من شد رخش چو پروانه
эй сидра нишин тўФи маҳфил ман кард
همای سدره نشین طوف محفل من کرد
Маро ба риндӣу мастӣ ки таъна зад зоҳид
مرا به رندی و مستی که طعنه زد زاهد
На таъна буд ки шарҳи фазойил ман кард
نه طعنه بود که شرح فضایل من کرد
Шудам қтил чу ҷомӣу баҳра манд мабод
شدم قتیل چو جامی و بهره مند مباد
зи умр ҳар ки на таҳсини қотил ман кард
ز عمر هر که نه تحسین قاتل من کرد