Таронаҳои тҳити сурӯдҳои дуруд
ترانه های تحیت سرودهای درود
Нисори маҷлиси султони оқибати Маҳмӯд
نثار مجلس سلطان عاقبت محمود
Баланди мартабаи шоҳӣ ки субҳу шом буд
بلند مرتبه شاهی که صبح و شام بود
зи ҷуръаи резӣ ӯ лаъли далқи чархи кабӯд
ز جرعه ریزی او لعل دلق چرخ کبود
Саҳоб вор диҳад файзи ъотФти бодо
سحاب وار دهد فیض عاطفت بادا
Ҳамеша соя ӯ бар ҷаҳонёни ммдўд
همیشه سایه او بر جهانیان ممدود
Забон ба тавбау дили моил май эй соқӣ
زبان به توبه و دل مایل می ای ساقی
Башу даҳонами азин тавба шароб олуд
بشو دهانم ازین توبه شراب آلود
Сафои сФўти ҷом ту дид сӯфии шаҳр
صفای صفوت جام تو دید صوفی شهر
Ба пеши он чу суроҳеи ниҳоди сар ба суҷуд
به پیش آن چو صراحی نهاد سر به سجود
Либоси ъушрати мо чок шуд мғнии кӯ
لباس عشرت ما چاک شد مغنی کو
Ки як ду бахя занад бар вай аз бришми авд
که یک دو بخیه زند بر وی از بریشم عود
зи пери майкада ҷомӣ мапуаш ҳоҷати хеш
ز پیر میکده جامی مپوش حاجت خویش
Ки ҳоҷатаст калид дар хазонаи ҷӯад
که حاجت است کلید در خزانه جود