Бисот сабза фиканданд кӯҳу саҳро ро

بساط سبزه فکندند کوه و صحرا را

зи лолаи орзӯии ҷом тоза шуд мо ро

ز لاله آرزوی جام تازه شد ما را

Куҷост соқии глрх ки ранг лола диҳад

کجاست ساقی گلرخ که رنگ لاله دهد

Ба базми гули з май лаъли ҷоми мино ро

به بزم گل ز می لعل جام مینا را

Азон меӣ ки фурӯғаш агар расад ба Суҳайл

ازان میی که فروغش اگر رسد به سهیل

Ақиқ ноб кунад сбҳаҳи сурайё ро

عقیق ناب کند سبحه ثریا را

Ба тарафи боғ на имрӯзи базми айш ки ҳаст

به طرف باغ نه امروز بزم عیش که هست

Таронаҳои аҷаби булбулони шайдо ро

ترانه های عجب بلبلان شیدا را

Май мрўқу фасли баҳору савти ҳазор

می مروق و فصل بهار و صوت هزار

Куҷо ба тавба шавад майли табъи доно ро

کجا به توبه شود میل طبع دانا را

Димоғи ақли зи фикри замонаи сўдоиист

دماغ عقل ز فکر زمانه سوداییست

Пиёлае ду се дардаи алоҷи савдо ро

پیاله ای دو سه درده علاج سودا را

Ба бодаи вақти худ имрӯз сарф кун ҷомӣ

به باده وقت خود امروز صرف کن جامی

Гузор бо карами дӯсти кори фардо ро

گذار با کرم دوست کار فردا را