зи сидраи тӯбо агар омадани сӯй ту тавонад

ز سدره طوبی اگر آمدن سوی تو تواند

Ба поибўсии сарви ту хешро бирасонад

به پایبوسی سرو تو خویش را برساند

Чунон зи чашми ту бемор шуд ки аз нами шабнам

چنان ز چشم تو بیمار شد که از نم شبنم

Шукуфа бар лаби наргис ба пунба об Чехияанд

شکوفه بر لب نرگس به پنبه آب چکاند

Ниҳоли сарви равон гар расад ба чашмаи чашмам

نهال سرو روان گر رسد به چشمه چشمم

Ба ёди қади тўоши барканори хеши нишонд

به یاد قد تواش برکنار خویش نشاند

зи меҳру маи сипари ту ба ту чаҳ суди фалак ро

ز مهر و مه سپر تو به تو چه سود فلک را

Чу тири он дили ман з ҳар ду ме гузаронад

چو تیر آن دل من ز هر دو می گذراند

Ғамӣ ки додеми онро насиб ғайр магардон

غمی که دادیم آن را نصیب غیر مگردان

Ки аз Карим нишоед ки дода боз сетанд

که از کریم نشاید که داده باز ستاند

Ба софу дард чаҳ лоиқи бахилии аҳли карам ро

به صاف و درد چه لایق بخیلی اهل کرم را

Хуши он ки ҳам бихӯрад ҳарчӣ ёфт ҳам бихӯранд

خوش آن که هم بخورد هرچه یافت هم بخوراند

Миёни оташу об аз ғами ту длшдаҳи ҷомӣ

میان آتش و آب از غم تو دلشده جامی

зи сина шуъла фурӯзад зи дида ашк фишонд

ز سینه شعله فروزد ز دیده اشک فشاند