На дар кӯҳи ин садо аз тешаи Фарҳод май хезад

نه در کوه این صدا از تیشهٔ فرهاد می‌خیزد

зи сангу оҳан аз дарди дилаши фарёд май хезад

ز سنگ و آهن از درد دلش فریاد می‌خیزد

Хаёли оризу болои ту то бастаам бо худ

خیال عارض و بالای تو تا بسته‌ام با خود

зи боғи хотирами гул май дамади шамшод май хезад

ز باغ خاطرم گل می‌دمد شمشاد می‌خیزد

Ба гулгашти чаман чун май нишинӣ бар сари сабза

به گلگشت چمن چون می‌نشینی بر سر سبزه

Ба таъзими қадати сарв аз замини озод май хезад

به تعظیم قدت سرو از زمین آزاد می‌خیزد

зи ту нолам на зон ғамза чу хӯнам бе гунаҳи резад

ز تو نالم نه زان غمزه چو خونم بی‌گنه ریزد

Ҳалоки сайди не аз ханҷар аз сайёд май хезад

هلاک صید نی از خنجر از صیاد می‌خیزد

Мҷуи афсонаи дард аз дилӣ каз ғам нашуд рахна

مجو افسانه درد از دلی کز غم نشد رخنه

Нафири чғд кӣ аз хонаи обод май хезад

نفیر چغد کی از خانه آباد می‌خیزد

Чу меояд зи теғат бар асирии захм бе раҳмӣ

چو می‌آید ز تیغت بر اسیری زخم بی‌رحمی

зи ҷон ҳар асири овози раҳмати бод май хезад

ز جان هر اسیر آواز رحمت باد می‌خیزد

Ғазалро аз ғами ишқ батон даҳ чошнии ҷомӣ

غزل را از غم عشق بتان ده چاشنی جامی

Сурӯди дарднок аз синаи ношод май хезад

سرود دردناک از سینه ناشاد می‌خیزد