Он сеӣ сарв чу гулгашти лаб ҷӯ ме кард

آن سهی‌سرو چو گلگشت‌ِ لب ‌ِجو می‌کرد

Булбул аз шохи самани васфи рух ӯ ме кард

بلبل از شاخ سمن وصف رخ او می‌کرد

Субҳдами боди дам аз ҳалқа зулфаш ме зад

صبحدم باد دم از حلقه زلفش می‌زد

Боғро нофи пар аз нофа оҳӯ ме кард

باغ را ناف پر از نافه آهو می‌کرد

Аз ба он рӯзи бчрбиди туранҷи зқнш

از بِه آن روز بچربید ترنج ذقنش

Ки ба бозичаи зи норанҷ тарозу ме кард

که به بازیچه ز نارنج ترازو می‌کرد

Одами он рӯз ки масҷуди малоик шуда буд

آدم آن روز که مسجود ملائک شده بود

Бо худ андешаи он гӯша абрӯ ме кард

با خود اندیشه آن گوشه ابرو می‌کرد

эй хуши он шаб ки маниши даст камар ме кардам

ای خوش آن شب که منش دست کمر می‌کردم

Тавқи иқболи ман ӯ аз хам бозу ме кард

طوق اقبال من او از خم بازو می‌کرد

Нақш ҳар орзӯ аз лавҳи замирам май шаст

نقش هر آرزو از لوح ضمیرم می‌شست

Дар таманнои худами икдл ва як рӯ ме кард

در تمنای خودم یکدل و یک‌رو می‌کرد

Гарчи ҷомии сухан аз рӯҳи қудс талқин дошт

گرچه جامی سخن از روح قدس تلقین داشت

Дӯши дарюза аз он лаъл сухангӯ ме кард

دوش دریوزه از‌ آن لعل سخنگو می‌کرد