зи доғи ҳиҷри ту сӯзами зи гашти боғ чаҳ суд
ز داغ هجر تو سوزم ز گشت باغ چه سود
з туаст шаб шудаи рӯзами зи гули чароғ чаҳ суд
ز توست شب شده روزم ز گل چراغ چه سود
Ба боғ чун ту набошӣ марои зи лолау гул
به باغ چون تو نباشی مرا ز لاله و گل
Ба ғайри хор чаҳ ҳосили буруни зи доғ чаҳ суд
به غیر خار چه حاصل برون ز داغ چه سود
Ҷамоли оризу хати хушат на пеши назар
جمال عارض و خط خوشت نه پیش نظر
Назораи гулу сабза ба боғу роғ чаҳ суд
نظاره گل و سبزه به باغ و راغ چه سود
Сабои зи ҳалқа зулфат нагашта нофаи гушой
صبا ز حلقه زلفت نگشته نافه گشای
зи нофи аҳўии чини машк дар димоғ чаҳ суд
ز ناف اهوی چین مشک در دماغ چه سود
зи дил ки баради даҳонати нишон наме пурсам
ز دل که برد دهانت نشان نمی پرسم
Ниҳоди гум шудаи рӯ дар адами суроғ чаҳ суд
نهاد گم شده رو در عدم سراغ چه سود
Чу ҳаст хилвати сӯфии тиҳии зи шоҳид ва май
چو هست خلوت صوفی تهی ز شاهد و می
зи шуғли аҳли ҷаҳони гӯшаи фироқ чаҳ суд
ز شغل اهل جهان گوشه فراغ چه سود
Навой ишқи зи ҷомӣ на аз ҳасуди шинав
نوای عشق ز جامی نه از حسود شنو
Чу нест нағмаи булбули нафири зоғ чаҳ суд
چو نیست نغمه بلبل نفیر زاغ چه سود