Биё ки хастаи дилонро туе маъоду маоз
بیا که خسته دلان را تویی معاد و معاذ
Биё ки ҳукми туро нест монеъии зи нФоз
بیا که حکم تو را نیست مانعی ز نفاذ
Мадаи ғурур ба лаззоти хулдам эй зоҳид
مده غرور به لذات خلدم ای زاهد
Ки нест ҷуз ба ?иламҳои ишқами астлзоз
که نیست جز به الم های عشقم استلذاذ
Ба силки зумраи асҳоб азон сабаб раҳ ёфт
به سلک زمره اصحاب ازان سبب ره یافت
Ки буд нақди ҷабали гавҳари вуҷӯди маоз
که بود نقد جبل گوهر وجود معاذ
Фикан ба мавҷи фанои рахти худ ки моҳӣ ро
فکن به موج فنا رخت خود که ماهی را
Нагашт зоФти соҳили бғири баҳри млоз
نگشت زآفت ساحل بغیر بحر ملاذ
Ба ноМуродии ушшоқ кӣтавонад сохт
به نامرادی عشاق کی تواند ساخت
Чунин ки хоҷаи асир млоҳӣаст млоз
چنین که خواجه اسیر ملاهی است ملاذ
Хаёли кашф ҳақиқат макун ба қӯти фикр
خیال کشف حقیقت مکن به قوت فکر
Ки ин луғат ба қиёси хиради намояди шоз
که این لغت به قیاس خرد نماید شاذ
Ба ошиқони сбкрўи куҷои рисии ҷомӣ
به عاشقان سبکرو کجا رسی جامی
з бор ҳастӣ худ ношудаи хафифи алҳоз
ز بار هستی خود ناشده خفیف الحاذ