Гар ҳамчуи авд ҷо диҳадам ёр дар канор

گر همچو عود جا دهدم یار در کنار

Аз даст ӯ кунам бар ӯ нолаҳои зор

از دست او کنم بر او ناله های زار

Гӯям бадв ки эй ба сарангушти марҳамат

گویم بدو که ای به سرانگشت مرحمت

Бигрифта набзи музтарибамро табиби вор

بگرفته نبض مضطربم را طبیب وار

Дар изтироби набзи маро ихтиёр нест

در اضطراب نبض مرا اختیار نیست

Ишқи ту бардааст зи дасти ман ихтиёр

عشق تو برده است ز دست من اختیار

Аз гӯшмоли ҳиҷри ту чун нола баркашам

از گوشمال هجر تو چون ناله برکشم

Гӯшӣ ба нолаҳои ман ҳиҷри дидаи дор

گوشی به ناله های من هجر دیده دار

Ошиқ ки нолад аз ғам ҳиҷрон бидон хуш аст

عاشق که نالد از غم هجران بدان خوش است

Коўози ноларо бирасонад ба гӯши ёр

کآواز ناله را برساند به گوش یار

Булбул шавад дарози забон дар навой шавқ

بلبل شود دراز زبان در نوای شوق

Чун гӯши хеш паҳн кунад гули зи шохсор

چون گوش خویش پهن کند گل ز شاخسار

Гӯйанд баҳр чист чунин бе қарорят

گویند بهر چیست چنین بی قراریت

Чун дар канори ёр буд ҳар дамати қарор

چون در کنار یار بود هر دمت قرار

Гӯям ки то ғубори дуе дар миёна ҳаст

گویم که تا غبار دویی در میانه هست

Бошад наҳуфтаи чеҳраи ваҳдати дарони ғубор

باشد نهفته چهره وحدت درآن غبار

Ҷомӣ ба оби дидаи нишони он ғубор ро

جامی به آب دیده نشان آن غبار را

То беғубор ёр шавад бртўи ошкор

تا بی غبار یار شود برتو آشکار