Марои длисти зи тани ғофилу зи ҷони фориғ
مرا دلیست ز تن غافل و ز جان فارغ
Ба ёди ту зи ҷаҳону ҷаҳонёни фориғ
به یاد تو ز جهان و جهانیان فارغ
Буд яқину гумон дар шуҳуди ишқи ҳиҷоб
بود یقین و گمان در شهود عشق حجاب
Хушо дилии зи яқини холӣ аз гумони фориғ
خوشا دلی ز یقین خالی از گمان فارغ
Муназзаҳии зи макону замону бас аҷаб аст
منزهی ز مکان و زمان و بس عجب است
Ки неи макони з ту холӣаст неи замони фориғ
که نی مکان ز تو خالیست نی زمان فارغ
Магӯ чаҳ суди зи савдои ман ки ман ҳастам
مگو چه سود ز سودای من که من هستم
Дарин муомила аз суд ва аз зиёни фориғ
درین معامله از سود و از زیان فارغ
Маро ба теғ сиёсат бикаш ки куштаи ишқ
مرا به تیغ سیاست بکش که کشته عشق
Буд зи орзӯии умри ҷовдони фориғ
بود ز آرزوی عمر جاودان فارغ
Забон ба номи ту машғӯлу дил ба ёди ту хуш
زبان به نام تو مشغول و دل به یاد تو خوش
На дил тиҳӣаст маро аз ту неи забони фориғ
نه دل تهیست مرا از تو نی زبان فارغ
Диҳад фироқи зи дастони ақли қиссаи ишқ
دهد فراغ ز دستان عقل قصه عشق
Мабош ҷомии азин турфаи достони фориғ
مباش جامی ازین طرفه داستان فارغ