Аз дар савмиъаи он ба ки қадами бозкшим

از در صومعه آن به که قدم بازکشیم

Хирқаҳо дар назари шоҳиди таннози кашем

خرقه ها در نظر شاهد طناز کشیم

Чанд нохуши манашон бар сари мо ноз кунанд

چند ناخوش منشان بر سر ما ناز کنند

Нозанинӣ ба кафи орем ва зу нози кашем

نازنینی به کف آریم و زو ناز کشیم

Сирка кардем басии пеши риёи кишони паст

سرکه کردیم بسی پیش ریا کیشان پست

Дар таҳи пои яке сарви сарафрози кашем

در ته پای یکی سرو سرافراز کشیم

Ҳар чаҳ мхзўни нҳонхонаҳ сидқасту ниёз

هر چه مخزون نهانخانه صدق است و نیاز

Дар раҳи мғбчаҳи хонаи брондозкшим

در ره مغبچه خانه براندازکشیم

Ишқ бозем ба зебои санамии поки сиришт

عشق بازیم به زیبا صنمی پاک سرشت

Ба ки бозичаи ин чархи дғобози кашем

به که بازیچه این چرخ دغاباز کشیم

Мутрибигар надиҳади дасти сӯй боғ рӯем

مطربی گر ندهد دست سوی باغ رویم

Бода бар нағмаи мурғони нўосози кашем

باده بر نغمه مرغان نواساز کشیم

Ҳаст қаҳт майу шоҳид ба хуросони ҷомӣ

هست قحط می و شاهد به خراسان جامی

Хез то рахт ба маҳрусаи Ширози кашем

خیز تا رخت به محروسه شیراز کشیم