намехоҳам ки бо каси рози он паймон гусал гӯям

نمی خواهم که با کس راز آن پیمان گسل گویم

Хаёлашро нишонами пеш ва бо ӯ роз дил гӯям

خیالش را نشانم پیش و با او راز دل گویم

зи сар то пои ҳамаи ҷон ва дил омад он парии пайкар

ز سر تا پا همه جان و دل آمد آن پری پیکر

Мъозоллаҳ ки ҳамчун дигаронаши зоб ва гул гӯям

معاذالله که همچون دیگرانش زآب و گل گویم

Нишони қасд ман набӯд ҷузи он тарки ҷФопишаҳ

نشان قصد من نبود جز آن ترک جفاپیشه

Гар аз хубони чин ё шӯхи чашмон чгл гӯям

گر از خوبان چین یا شوخ چشمان چگل گویم

Шавам бе бодаи маст аз шеваи тарконаи чашмонаш

شوم بی باده مست از شیوه ترکانه چشمانش

Дар он мастӣ чу байнами қоматашро муътадил гӯям

در آن مستی چو بینم قامتش را معتدل گویم

Кунад даъвӣ ки ҳастӣ бандаам ваон хати мишкӣн ро

کند دعوی که هستی بنده ام وان خط مشکین را

Чу байнам бар изор ӯ бар ин даъвӣ сҷл гӯям

چو بینم بر عذار او بر این دعوی سجل گویم

Суханро ҷуста ҷуста гӯям аз миҳроб бо обид

سخن را جسته جسته گویم از محراب با عابد

Валикин чун дроФтд зон ду абрӯ муттасил гӯям

ولیکن چون درافتد زان دو ابرو متصل گویم

Ба рӯй сурх кам кун васфи ҷомии лолау гул ро

به روی سرخ کم کن وصف جامی لاله و گل را

Ки ман пеши Рахши ин срхрўёнро хаҷал гӯям

که من پیش رخش این سرخرویان را خجل گویم