эй равшан аз фурӯғи рахти хонаи дилам

ای روشن از فروغ رخت خانه دلم

Нақди ғами ту ганҷ ба вайронаи дилам

نقد غم تو گنج به ویرانه دلم

Аз ғами маро чаҳ бим чу ҳаст аз ҳарими васл

از غم مرا چه بیم چو هست از حریم وصل

Сад равзани умед ба ғмхонаҳи дилам

صد روزن امید به غمخانه دلم

Пеш аз асоси гунбади фирӯзаи сипеҳр

پیش از اساس گنبد فیروزه سپهر

Ишқат кашид рахт ба кошонаи дилам

عشقت کشید رخت به کاشانه دلم

Машъал фурӯз базм хасонаст рӯй ту

مشعل فروز بزم خسان است روی تو

Зин оташаст сӯхтаи парвонаи дилам

زین آتش است سوخته پروانه دلم

Фардо ки нам расад ба гулами зи абри навбаҳор

فردا که نم رسد به گلم ز ابر نوبهار

Раведи гиёҳи меҳри ту аз донаи дилам

روید گیاه مهر تو از دانه دلم

Ҳар дами зи шавқи лаъли туами дидаи соғрист

هر دم ز شوق لعل توام دیده ساغریست

Пар карда аз тарашшӯҳи паймонаи дилам

پر کرده از ترشح پیمانه دلم

Аҷзои назму наср ки ҷомӣ навишта аст

اجزای نظم و نثر که جامی نوشته است

Ҷузвии ҳкоитисти зи афсонаи дилам

جزوی حکایتیست ز افسانه دلم