Давлатам нест ки бошам ба сухани дмсозт

دولتم نیست که باشم به سخن دمسازت

Гӯи сухан бо дгарон то шинавами овозат

گو سخن با دگران تا شنوم آوازت

Шоҳбози ҳарами қудсӣ ва дар малики вуҷӯд

شاهباز حرم قدسی و در ملک وجود

Нест ҷузи баҳри шикори дилу ҷони парвозат

نیست جز بهر شکار دل و جان پروازت

Рафтӣу риштаи пайванди маро бо ту қавӣ

رفتی و رشته پیوند مرا با تو قوی

Рӯзии орм ба ҳамин риштаи сӯии худ бозат

روزی آرم به همین رشته سوی خود بازت

Ҳамчуи гул гарчи ба сад пора шавад пардаи дил

همچو گل گرچه به صد پاره شود پرده دل

Ҳоши ллаҳ ки шавам пардаи гушой аз розат

حاش لله که شوم پرده گشای از رازت

То шудӣ нозкнони соқии хунини ҷгарон

تا شدی نازکنان ساقی خونین جگران

Ҳамаи мустанади зи ҷом май ва ман аз нозат

همه مستند ز جام می و من از نازت

Бар серуми тоҷӣ ва бар тоҷи гуҳар кӣ бошад

بر سرم تاجی و بر تاج گهر کی باشد

Ки кунам ҷо ба сари хеш ба сад эъзозат

که کنم جا به سر خویش به صد اعزازت

Чун занад дами зи сухани пеши ту ҷомии зинсон

چون زند دم ز سخن پیش تو جامی زینسان

Ки диҳад хомшиши лаъли сухани пардозат

که دهد خامشیش لعل سخن پردازت