Чу хусрави сохт зини сони кори Фарҳод

چو خسرو ساخت زین سان کار فرهاد

Аз он бишинав ки хусравро чаҳ афтод

از آن بشنو که خسرو را چه افتاد

Надонам рафт моҳӣ , беш ё кам

ندانم رفت ماهی، بیش یا کم

Ки бар Марям сар омад умри Марям

که بر مریم سر آمد عمر مریم

Тани хусрави азин ғами гашти ранҷур

تن خسرو ازین غم گشت رنجور

Чароғ давлаташ гардид бе нур

چراغ دولتش گردید بی نور

Ба дард омад дилаши зини доғи дилсӯз

به درد آمد دلش زین داغ دلسوز

Наме хспиди шаби зини ғусса то рӯз

نمی خسپید شب زین غصه تا روز

Аз он мотам басӣ мекард шеван

از آن ماتم بسی می کرد شیون

Ки буд аз вай чароғаш гашта равшан

که بود از وی چراغش گشته روشن

Сӯии ширини хабари гӯйӣ дар омад

سوی شیرین خبر گویی در آمد

Ки бар Марями замони охири саромад

که بر مریم زمان آخر سرآمد

Дили хусрави зи доғаши гашти пари дард

دل خسرو ز داغش گشت پر درد

Гули сурхаши азин ғам шуд гули зард

گل سرخش ازین غم شد گل زرد

Ба бор оварад аз ин ранҷу тимор

به بار آورد از این رنج و تیمار

Дарахти арғавонаши заъфарони бор

درخت ارغوانش زعفران بار

Чу бишунид ин ҳадиси талх , ширин

چو بشنید این حدیث تلخ، شیرین

Дар он дами шоди бади гирд ( яд ) ғамгин

در آن دم شاد بد گرد (ید) غمگین

Дабирӣ хонд пеши хештани зуд

دبیری خواند پیش خویشتن زود

Рухи маро ба машктар баролӯд

رخ مه را به مشک تر برآلود

Набшати аввал ба номи зулҷалолӣ

نبشت اول به نام ذوالجلالی

Ки номади ҳаргиз аз ҳоле ба ҳоле

که نامد هرگز از حالی به حالی

Пас аз ҳамди худоу наъти комил

پس از حمد خدا و نعت کامل

Навишт ин нома бар султони одил

نوشت این نامه بر سلطان عادل

Ки эй кишвари гшо , шоҳи ҷавони бахт

که ای کشور گشا، شاه جوان بخت

Ки дорад фахр бар ту тоҷ ва ҳам тахт

که دارد فخر بر تو تاج و هم تخت

Туро шоҳӣ расад каз ма ба моҳӣ

تو را شاهی رسد کز مه به ماهی

Чу ту нанишаст кас бар тахти шоҳӣ

چو تو ننشست کس بر تخت شاهی

Фузунтар аз Фаридунӣ ва аз ҷам

فزونتر از فریدونی و از جم

Гдштӣ аз ниёён то ба одам

گدشتی از نیایان تا به آدم

Шунидам каз ғами Марями забунӣ

شنیدم کز غم مریم زبونی

Забони пари нолау дили пари зхўнӣ

زبان پر ناله و دل پر زخونی

Мабодат ҳеҷ ғами зи осеби даврон

مبادت هیچ غم ز آسیب دوران

Ки бар ҷон манаст ин доғи сӯзон

که بر جان من است این داغ سوزان

Ба исо каз замин зад бар фалаки так

به عیسی کز زمین زد بر فلک تک

Ки Марями хоҳари ман буд бе шак

که مریم خواهر من بود بی شک

Ба марг ӯ ҷаҳон шуд тира бар ман

به مرگ او جهان شد تیره بر من

Ки Марями бади маро чун чашми равшан

که مریم بد مرا چون چشم روشن

Сиришкаши рашки дарҳои адан буд

سرشکش رشک درهای عدن بود

Аз он рӯи донаи тасбеҳи ман буд

از آن رو دانه تسبیح من بود

Пас аз ман нест шакгар аҳли олам

پس از من نیست شک گر اهل عالم

Буд тасбеҳи шан аз ашки Марям

بود تسبیح شان از اشک مریم

Куҷо ёбам аз он гавҳари нишоне

کجا یابم از آن گوهر نشانی

Ки беёдаш намебудам замонӣ

که بی یادش نمی بودم زمانی

Сазадгар рӯз то шаби сӯзам аз сӯз

سزد گر روز تا شب سوزم از سوز

Ки ёдаши шаби рафиқам буд то рӯз

که یادش شب رفیقم بود تا روز

Гиреҳ аз риштаи мо , зон бнгшўд

گره از رشته ما، زان بنگشود

Ки моро ҳар ду сари риштаи яке буд

که ما را هر دو سر رشته یکی بود

Махӯр тимор агар ғоиб шуд он ёр

مخور تیمار اگر غایب شد آن یار

Ки ман он нахлам оварда рутаби бор

که من آن نخلم آورده رطب بار

Рухамро байн ки ӯро ҳамдамами ман

رخم را بین که او را همدمم من

Рутабҳои дарахти Марямами ман

رطبهای درخت مریمم من

зи нахлаш гарчи дилро хор хор аст

ز نخلش گرچه دل را خار خار است

Рутабҳои ман аз вай ёдгор аст

رطب های من از وی یادگار است

зи доғу дарду ғамҳояш чаҳ гӯям

ز داغ و درد و غمهایش چه گویم

Ки ман парварда ғамҳои ӯем

که من پرورده غمهای اویم

Нагӯям каз ғамаши дилро ғамӣ буд

نگویم کز غمش دل را غمی بود

Ки ҳар нешаши марои як марҳамӣ буд

که هر نیشش مرا یک مرهمی بود

Вале шоҳои ту ин меҳнат ки дидӣ

ولی شاها تو این محنت که دیدی

зи феъли худ ҷазоӣ худ кашидӣ

ز فعل خود جزای خود کشیدی

Ки ҳаст андари ҷаҳони андак чаҳ бисёр

که هست اندر جهان اندک چه بسیار

Ба подоши амал ҳар каси гирифтор

به پاداش عمل هر کس گرفتار

Макун раҳи гум ки кори даҳр ин аст

مکن ره گم که کار دهر این است

зи шаки бгдр ки доноро яқин аст

ز شک بگدر که دانا را یقین است

Ки он теша ки шуд Фарҳод аз он кам

که آن تیشه که شد فرهاد از آن کم

Табар гардид ва зад бар нахли Марям

تبر گردید و زد بر نخل مریم

Махӯр бозӣ ки ин қудрат маро нест

مخور بازی که این قدرت مرا نیست

Ки ҳам дарвеш ва ҳам шаҳро чаро нест

که هم درویش و هم شه را چرا نیست

Чаҳ хуш зад ин мисли он ганҷи пинҳон

چه خوش زد این مثل آن گنج پنهان

Ки май бояд ба об зар навишт он

که می باید به آب زر نوشت آن

Кигар некӣ кунӣ вари бад , кмоҳӣ

که گر نیکی کنی ور بد، کماهی

Ҷазояш мерасад хоҳӣ нахоҳӣ

جزایش می رسد خواهی نخواهی

Бар ин сети эътиқод , ин сети дайнам

بر این ست اعتقاد، این ست دینم

Надорам шаки дарин маънии яқинам

ندارم شک درین معنی یقینم

Ки зон рӯзӣ ки ин олам ниҳоданд

که زان روزی که این عالم نهادند

Бадиро ҳам бадӣ , подош доданд

بدی را هم بدی، پاداش دادند

Чаҳ хуш зад ин мисли он марди ҷавкор

چه خوش زد این مثل آن مرد جوکار

Ки ҳаркаси ин суханро ҳаст дар кор

که هرکس این سخن را هست در کار

Ки дар ин куштаи зори аршоаҳу дарвеш

که در این کشته زار ارشاه و درویش

Нишинад ҳар касе бар куштаи хеш

نشیند هر کسی بر کشته خویش

Мефишон тухми бад дар мазраъи даҳр

میفشان تخم بد در مزرع دهر

Ки дар вай ҳар чаҳ корӣ май барии баҳр

که در وی هر چه کاری می بری بهر

Кунун эй шоҳ агар Марями зи ?дане

کنون ای شاه اگر مریم ز دنیی

Бишуд бодои бақои умри исо

بشد بادا بقای عمر عیسی

Вагар зини дор фонӣ рафт Фарҳод

وگر زین دار فانی رفت فرهاد

Ба давлат то абади хусрави бмонод

به دولت تا ابد خسرو بماناد