Чаҳоруми панди ман инаст эй моҳ

چهارم پند من این است ای ماه

Ки сӯии худ мадаи ғаммозро роҳ

که سوی خود مده غماز را راه

Макун ғаммозро тамкин ки ғаммоз

مکن غماز را تمکین که غماز

Ба дигар кас бигӯед ҳоли ту боз

به دیگر کس بگوید حال تو باز

Надории мардуми ғаммозро дӯст

نداری مردم غماز را دوست

Ки нек ар бози бинӣ , душманат ӯст

که نیک ار باز بینی، دشمنت اوست

Буд то саъйу ҷаҳд аз вай бипарҳез

بود تا سعی و جهد از وی بپرهیز

Ки ғаммозаст ҳар ҷои оташи ангез

که غماز است هر جا آتش انگیز

Ба худ ғаммози ашк бе тараҳҳум

به خود غماز اشک بی ترحم

Аз он рӯ мефитад аз чашми мардум

از آن رو می فتد از چشم مردم

Машав бо мардуми ғаммози ҳамдам

مشو با مردم غماز همدم

Мсоз ӯро бар худ ҳеҷ муҳаррам

مساز او را بر خود هیچ محرم

Ки пеши марди доно равшанаст ин

که پیش مرد دانا روشن است این

Ки дар дӯзах буд марди сухани чин

که در دوزخ بود مرد سخن چین

Сухани чинро ба доно муҳаррамӣ нест

سخن چین را به دانا محرمی نیست

Чаро кон бесаодат одамӣ нест

چرا کان بی سعادت آدمی نیست

Бабр то май туоне зу иродат

ببر تا می توانی زو ارادت

Ҷудоӣ зу набошад ҷузи саодат

جدایی زو نباشد جز سعادت