Наврӯз дар рикоби валиаҳди комгор

نوروز در رکاب ولیعهد کامگار

Аз раҳ раседу суди ҷабин назд шаҳриёр

از ره رسید و سود جبین نزد شهریار

Фасли баҳору васли валиаҳди шоҳ ро

فصل بهار و وصل ولیعهد شاه را

Гули рехт дар ямину гуҳари рехт дар ясор

گل ریخت در یمین و گهر ریخت در یسار

Зин васл шуд канори малики марзи норван

زین وصل شد کنار ملک مرز نارون

Зон фасл шуд ҳудӯди ҷаҳони пари зи лолаи зор

زآن فصل شد حدود جهان پر ز لاله زار

Наврӯзи гўӣӣ аз малики имсол шарм дошт

نوروز گوئی از ملک امسال شرم داشت

зи атвори бараду абри сиёҳи сипеди кор

ز اطوار برد و ابر سیاه سپید کار

Афтод дар рикоби валиаҳд зон сабаб

افتاد در رکاب ولیعهد زان سبب

То вай шавад шафоаташ аз шоҳи хостор

تا وی شود شفاعتش از شاه خواستار

Чўнонкаҳи афв кас талабанд аз худои русул

چونانکه عفو کس طلبند از خدا رسل

ӯ низ хости афви вай аз зилли кирдигор

او نیز خواست عفو وی از ظل کردگار

Инак бшкри марҳамати шоҳи сабзи бахт

اینک بشکر مرحمت شاه سبز بخت

Наврӯз сабз карда ҳамаи дашту кӯҳсор

نوروز سبز کرده همه دشت و کوهسار

Бар дасти шохи бастаи зи пирӯзаи дастбанд

بر دست شاخ بسته ز پیروزه دستبند

Дар гӯш ғунча карда зи ёқӯти гӯшвор

در گوش غنچه کرده ز یاقوت گوشوار

Биншин бзири сарву бчм бар фарози кӯҳ

بنشین بزیر سرو و بچم بر فراز کوه

Бишинав зи шохи гулбун ва бигузар бмрғзор

بشنو ز شاخ گلبن و بگذر بمرغزار

Иксўи фиғони слсл ва як сӯи хурӯши кбг

یکسو فغان صلصل و یک سو خروش کبگ

Иксўи ншиди булбул ва як сӯ навой сор

یکسو نشید بلبل و یک سو نوای سار

Набӯд касе ки менахурд мавсимии чунин

نبود کسی که می نخورد موسمی چنین

Вари гўӣим ки ҳаст буд аз ҷунуни фигор

ور گوئیم که هست بود از جنون فگار

Неи неи зи меҳри шоҳу валиаҳди аҳли малик

نی نی ز مهر شاه و ولیعهد اهل ملک

Мустанади ончунон ки надоранд май бакор

مستند آنچنان که ندارند می بکار

Аз он падари мадориҷ то ҷусти сарфароз

از آن پدر مدارج تا جست سرفراز

Вази ин писари мъорҷ тахтаст пойдор

وز این پسر معارج تخت است پایدار

Аз он падари боиўон ҳар ҳӯшёри маст

از آن پدر بایوان هر هوشیار مست

Вази ин писари бмидон ҳар масти ҳӯшёр

وز این پسر بمیدان هر مست هوشیار

Аз он падари дўчори зёрони ҳамаи раҳо

از آن پدر دوچار زیاران همه رها

Вази ин писари рҳои зи душмани ҳамаи дўчор

وز این پسر رهای ز دشمن همه دوچار