Сазад ки язди навозад ба боми гардуни кӯс
سزد که یزد نوازد به بام گردون کوس
Ба шукр онкӣ расад мавкиби эмом аз Тӯс
به شکر آنکه رسد موکب امام از طوس
БоЯмани андараш аз сидқи савт ё сбўҳ
بایمن اندرش از صدق صوت یا سبوح
Боисри андараш аз қудси бонг ё қуддус
بایسر اندرش از قدس بانگ یا قدوس
Дигар хасоис тасбеҳ ояд аз зуннор
دگر خصایص تسبیح آید از زنار
Дигар маъонии такбири хезад аз ноқавс
دگر معانی تکبیر خیزد از ناقوس
Кунун масойили мавҳумро нигари маълум
کنون مسایل موهوم را نگر معلوم
Кунун мшокли маъқӯлро нигари маҳсус
کنون مشاکل معقول را نگر محسوس
Аё насими саҳар эй саманди ҷам то чанд
ایا نسیم سحر ای سمند جم تا چند
Ба гирди харгаҳи маъшӯқу ошиқии ҷосус
به گرد خرگه معشوق و عاشقی جاسوس
Яке бпўӣ ва бисӯзон мҷомри парвиз
یکی بپوی و بسوزان مجامر پرویز
Яке бпоӣ ва барафшон захоири Ковӯс
یکی بپای و برافشان ذخایر کاووس
Чамани зи сабзаи бёроӣ чун пари тӯтӣ
چمن ز سبزه بیارای چون پر طوطی
Дмни зи лолаи бпироӣ чун дами товус
دمن ز لاله بپیرای چون دم طاووس
Бипеч панҷаи меҳр ва бигӯ ки роҳи брўб
بپیچ پنجهٔ مهر و بگو که راه بروب
Бимол гӯши сипеҳр ва бигӯ ки хок бабўс
بمال گوش سپهر و بگو که خاک ببوس
Бад-ӣни нмт чу фузудӣ безади ороиш
بدین نمط چو فزودی بیزد آرایش
зи бандагон имомат бихоҳ ъзи ҷулус
ز بندگان امامت بخواه عزّ جلوس
Неи ин ҳадис хато шуд зи ман ки шахси эмом
نی این حدیث خطا شد ز من که شخص امام
Басаст аз паии ороиши билоди нуфус
بس است از پی آرایش بلاد نفوس
Фалак ба маҳфили дарбон ӯ чу фонӯсӣ аст
فلک به محفل دربان او چو فانوسی است
Ки ҳаст машъали хуршеди шамъи он фонӯс
که هست مشعل خورشید شمع آن فانوس
Дар ин қўоФии маҷҳӯл то буд маърӯф
در این قوافی مجهول تا بود معروف
Буд ҳабибаши масъӯду ҳосидаши манҳус
بود حبیبش مسعود و حاسدش منحوس