Зилли малик ки чарх ба ҷони бўсдши замин

ظل ملک که چرخ به جان بوسدش زمین

Хуррам ба фазли вай зира омад чу фурӯдин

خرم به فضل وی ز ره آمد چو فرودین

Баси авди сӯхти ходим ӯ гарм шуд сипеҳр

بس عود سوخت خادم او گرم شد سپهر

Бас гул фишонд мавкиб ӯ нарм шуд замин

بس گل فشاند موکب او نرم شد زمین

Айём рафтан ӯро миррӣх дар ясор

ایام رفتن او را مریخ در یسار

Ҳангом бозгаштани хуршед дар ямин

هنگام بازگشتن خورشید در یمین

Зии шӯштари змлки сафоҳон чу ронад Рахш

زی شوشتر ز ملک صفاهان چو راند رخش

Дар ним раҳи бшоҳд мақсӯд шуд қарин

در نیم ره به شاهد مقصود شد قرین

Аҳвози ҳадяи барад ки моро надидаи гир

اهواز هدیه برد که ما را ندیده گیر

Дизфӯл ҷузия дод ки моро набӯдаи байн

دزفول جزیه داد که ما را نبوده بین

Гардуни залил сонаш бӯсед остон

گردون ذلیل سانش بوسید آستان

Гетии дахил вораш бигирифт остин

گیتی دخیل وارش بگرفت آستین

Он гуфт бар бузургӣ худ кӯш ва бозгард

آن گفت بر بزرگی خود کوش و بازگرد

Ин гуфт бар ҳақирии мо бахш ва пас нишин

این گفت بر حقیری ما بخش و پس نشین

Пӯри хдиўи аср ки дар мардумӣаст ҳаср

پور خدیو عصر که در مردمی است حصر

Бар қасри худ бнср худованд шуд макин

بر قصر خود به نصر خداوند شد مکین

Гиреҳгон қаллода кардау пелони ниҳодаи тахт

گرگان قلاده کرده و پیلان نهاده تخت

Шерон лаҷом кардау асбони ниҳодаи зин

شیران لجام کرده و اسبان نهاده زین

эй тарки хлхӣ ки зи рӯмии изори ту

ای ترک خلخی که ز رومی عذار تو

Кох аз ҳарири шӯштарӣ ба буд зи чин

کاخ از حریر شوشتری به بود ز چین

То хати Басраи даҳ май хлр ки шоҳи гашт

تا خط بصره ده می خُلَّر که شاه گشت

Дрмрзи Коваи азджи шопӯр ҷо гузин

در مرز کاوه ازدژ شاپور جا گزین

Бигушоӣ мӯии вкохи биёи гни бзимрон

بگشای موی و کاخ بیاگن به ضِیْمران

Бинмоӣ рӯйу базми бёрои бёсмин

بنمای روی و بزم بیارا به یاسمین

Кам гӯ ки аз сиёсати ваии байн ки ҷисми шат

کم گو که از سیاست وی بین که جسم شط

Фарсӯдаи ҳамчуи хасми шаҳ аз банди оҳанӣн

فرسوده همچو خصم شه از بند آهنین

Аз қалъаи слосл акнӯн ки шаҳ расед

از قلعه سلاسل اکنون که شه رسید

Азҳлқаҳи слосли гесуи гушои чин

از حلقه سلاسل گیسو گشای چین

Шукронаи вуруди маликро яке бнқд

شکرانه وُرود ملک را یکی به نقد

Базмӣ чу хулд бояду ёрӣ чу ҳури айн

بزمی چو خلد باید و یاری چو حور عین

Базмии чунон ки гўӣии ҷбрили ҳам бърш

بزمی چنان که گوئی جبریل هم به عرش

Ҳаргиз наёфтааст чунин ҷой дил нишин

هرگز نیافته است چنین جای دلنشین

Ҳар гӯшааш нишоти не аз сарви қади бенот

هر گوشه‌اش‌ نشاط نی از سرو قد بنات

Ҳрҷонбши бисот май аз моҳи рухи байн

هر جانبش بساط می از ماه رخ بین

Ман дар миёни онҳамаи тарки Аёзи чеҳр

من در میان آنهمه ترک ایاز چهر

Сангин фаро нишаста чу пўрсбктгин

سنگین فرا نشسته چو پور سبکتگین

Гоҳе ниўшм аз санамии шӯхи арғунун

گاهی نیوشم از صنمی شوخ ارغنون

Гоҳе ситонам аз писарии шнги соткин

گاهی ستانم از پسری شنگ ساتکین

Бахшами заҳри таронаи з дар афсарии бон

به خشم ز هر ترانه ز در افسری به آن

Пӯшами баҳри пиёлаи зхзи хирқае бойен

پوشم به هر پیاله ز خز خرقه‌ای به این

Ҷоно магӯ ки хирқа мабахшу қадаҳи минуаш

جانا مگو که خرقه مبخش و قدح منوش

Ҳушдори кат асокир сармост дркмин

هشدار که‌ت عساکر سرماست در کمین

Комрўз аз нишоти замини бӯси зилли шоҳ

که‌امروز از نشاط زمین بوس ظل شاه

Дар пӯст менагунҷам чаҳ ҷои пӯстин

در پوست می‌نگنجم چه جای پوستین

Мсъўдшаҳ ки зояда чини ҷалол ӯ аст

مسعود شه که زایده چین جلال او است

Ҳарҷо змлки даҳр ки рукнӣ буд рукин

هرجا ز ملک دهر که رکنی بود رکین

То пушт бўолбшр бигурезад збтни моам

تا پشت بوالبشر بگریزد ز بطن مام

Грнқши рмҳ ӯ брҳм бингарад ҷанин

گر نقش رمح او به رحم بنگرد جنین

Назд яқин ӯ натавон рахта аз гумон

نزد یقین او نتوان رخته از گمان

Пеши гумон ӯ натавон сарфа бо яқин

پیش گمان او نتوان صرفه با یقین

эй шоҳ кӣ нажод ки таҷдид аҳд кард

ای شاه کی نژاد که تجدید عهد کرد

Дар марзи Коваи фари ту аз пӯри обтин

در مرز کاوه فر تو از پور آبتین

Зу кӯ ки бо тъшқи бигузорадати кулоҳ

زو کو که با تعشق بگذاردت کلاه

Ҷами кӯ ки бо тамаллуқи бспордти нигин

جم کو که با تملق بسپاردت نگین

Ҳрчокрии зхили ту бо давлати Қубод

هر چاکری ز خیل تو با دولت قباد

Ҳар бандаи зкўии ту бо савлати тагин

هر بنده ز کوی تو با صولت تگین

Зонҷмлаҳи чокарони ту як тани амири мост

زآنجمله چاکران تو یک تن امیر ماست

Каш ҷбҳтаст шодии сад дудмони ҷанин ( ? )

که‌ش جبهت است شادی صد دودمان جنین (؟)

Хони халили род ки монои зъдл ва дод

خان خلیل راد که مانا ز عدل و داد

Бо рӯҳи қудси фитрати родаш буд аҷин

با روح قدس فطرت رادش بود عجین

Гардун надидааст бгитии чунин ғаюр

گردون ندیده است به گیتی چنین غیور

Гетӣ наёфтааст зи гардуни чунин амин

گیتی نیافته است ز گردون چنین امین

То хокро сукӯн буду чархро мадор

تا خاک را سکون بود و چرخ را مدار

Эзади турои мазоҳиру султони турои муайян

ایزد ترا مظاهر و سلطان ترا معین