Рӯза бигурехт чу гашташи маи шаволи надим
روزه بگریخت چو گشتش مه شوال ندیم
Рӯҳро суҳбати ноҷинс азобӣ аст ?илем
روح را صحبت ناجنس عذابی است الیم
Бмқомӣ нашаванд ин ду бсди ҳилаи муқӣм
به مقامی نشوند این دو به صد حیله مقیم
Не ҳамоно рамазонаст зшўол ба бим
نی همانا رمضانست ز شوال به بیم
Ки напояд рамазон чун бадар ояд шавол
که نپاید رمضان چون به در آید شوال
Рамазон гуфт баъӣди ин на тақозоӣ ман аст
رمضان گفت بعید این نه تقاضای من است
Хӯрд ойини ту нохӯрдани ёсоӣ ман аст
خورد آئین تو ناخوردن یاسای من است
Шоҳид олой туу зоҳиди колоӣ ман аст
شاهد آلای تو و زاهد کالای من است
Андари ин кишвар ё ҷои ту ё ҷой ман аст
اندر این کشور یا جای تو یا جای من است
Каз ду хусрави бик иқлӣм шавад сози ҷидол
کز دو خسرو به یک اقلیم شود ساز جدال
Гуфт шавол ки инсоф дар ойин ту нест
گفت شوال که انصاف در آئین تو نیست
Бкс аз рӯй табиати сари тамкин ту нест
به کس از روی طبیعت سر تمکین تو نیست
Вази срсдқи забонии паии таҳсин ту нест
وز سر صدق زبانی پی تحسین تو نیست
Балки лаб нест ки сари гарми бнФрин ту нест
بلکه لب نیست که سر گرم به نفرین تو نیست
На бихон ту мўоӣд на бтбъ ту навол
نه به خوان تو موائد نه به طبع تو نوال
Рамазон гуфт ки ман пайки илоҳии суханам
رمضان گفت که من پیک الهی سخنم
Молики рӯҳам аз оғоз на мамлуки танам
مالک روحم از آغاز نه مملوک تنم
Аз паии қӯти ҷони моили заъфи баданам
از پی قوت جان مایل ضعف بدنم
Нафаси ъзӣу бадани бткдаҳи ман бути шиканам
نفس عزی و بدن بتکده من بت شکنم
Ки дрослом буд обиди бути зоҳли залол
که در اسلام بود عابد بت ز اهل ضلال
Гуфт шаволи кати ин низ хтоӣӣ дигар аст
گفت شوال کهت این نیز خطائی دگر است
Тан буд мураккаби ҷони ончии қавии нек тар аст
تن بود مرکب جان آنچه قوی نیکتر است
Мураккаб Ираманд зираи кӯшиши рокиб ҳадар аст
مرکب ار ماند ز ره کوشش راکب هدر است
Ҷони бъқбии зтни андари хури хулд ва сқр аст
جان به عقبی ز تن اندر خور خلد و سقر است
Варна тани халқи нмикрди худои мутаъол
ورنه تن خلق نمیکرد خدای متعال
Рамазон гуфт ки дунё на сарой тарабаст
رمضان گفت که دنیا نه سرای طربست
Кштгоҳии зи паии мардуми уқбо талаб аст
کشتگاهی ز پی مردم عقبی طلب است
Ончии ӣнҷои баназари хор дар онҷо рутаб аст
آنچه اینجا به نظر خار در آنجا رطب است
Ашкати аҳроқи брози туфи хдоӣӣ ғазаб аст
اشکت احراق بر از تف خدائی غضب است
Ки ҷҳонро буд идбору ҷинонро иқбол
که جهان را بود ادبار و جنان را اقبال
Гуфт шавол ки мавҷӯди бмъдўми мада
گفت شوال که موجود به معدوم مده
Айш маълум мабар ваъдаи бмўҳўми мада
عیش معلوم مبر وعده به موهوم مده
Малики нодидаи касаш шарҳ бирав буми мада
ملک نادیده کسش شرح برو بوم مده
Микшон ронадам аз нқмти зақуми мада
میکشان را نَدَم از نقمت زَقّوم مده
Ки турои нақд саодат диҳаду насяу бол
که ترا نقد سعادت دهد و نسیه وبال
Ростии ин рамазони бади магар аз роҳзанон
راستی این رمضان بُد مگر از راهزنان
Ки аз ӯ ромиш мардон шуду ороми занон
که از او رامش مردان شد و آرام زنان
Кости андоми самани прўргли перҳанон
کاست اندام سمنپرور گل پیرهنان
Хоссаи дилдори ман он ғайрати симини баданон
خاصه دلدار من آن غیرت سیمین بَدَنان
Ки баҳри узви вай аз рӯза дарафтод накол
که به هر عضو وی از روزه درافتاد نکال
Сунбули пари шикани ошуфта ва битоб шудаш
سنبل پر شکن آشفته و بیتاب شدش
Наргиси маст марӣз омад ва бихўоб шудаш
نرگس مست مریض آمد و بیخواب شدش
Лаъл мегаван зътши ранҷа ва беоб шудаш
لعل میگون ز عطش رنجه و بی آب شدش
Хами абрӯи Касал аз улфат миҳроб шудаш
خم ابرو کسل از الفت محراب شدش
Азнгаҳи ноз ва фусун рафту злби ғанҷу даллол
از نگه ناز و فسون رفت و ز لب غنج و دلال
Чашм чун оҳӯӣ Ром карда зсёдӣ чанд
چشم چون آهوی رم کرده ز صیادی چند
Мижа чун хӯнии баргаштаи зҷлодӣ чанд
مژه چون خونی برگشته ز جلادی چند
Зулф чун дузди ситами дидаи зшёдӣ чанд
زلف چون دزد ستم دیده ز شیادی چند
Лаб чу ҷодӯгари мағлуби знқодӣ чанд
لب چو جادوگر مغلوب ز نقادی چند
Холи ҳндўӣӣ каз тобиши хури рафтаи зи ҳол
خال هندوئی کز تابش خور رفته ز حال
Ки барандон ббдии ёди накӯ бода намӯд
که به رندان به بدی یاد نکو باده نمود
Ки бахӯбии сухан аз сбҳаҳ ва саҷҷода намӯд
که به خوبی سخن از سبحه و سجاده نمود
Ки бъшоқи итоб аз ҳавас сода намӯд
که به عشاق عتاب از هوس ساده نمود
Гоҳ бар савмиъаи ташвиқи нар ва мода намӯд
گاه بر صومعه تشویق نر و ماده نمود
Гоҳ бар тофт рух аз ҳоли вгроӣиди баққол
گاه برتافت رخ از حال و گرائید به قال
Воъзонрои бсФои ғошия брдўш кашид
واعظانرا به صفا غاشیه بر دوش کشید
Ончӣ гуфтанд чу дар яксара дргўш кашид
آنچه گفتند چو دُر یکسره در گوش کشید
Гирди кафши ҳама дар чашм хатопӯш кашид
گرد کفش همه در چشم خطاپوش کشید
Мқрёнрои бсди икром дроғўш кашид
مقریان را به صد اکرام در آغوش کشید
Каз мноҷотш хоҳанд ҷамолии бкмол
کز مناجاتش خواهند جمالی به کمال
Ман дар ӯ хира ки ногуҳи ма шавол омад
من در او خیره که ناگه مه شوال آمد
Навбати соқӣу ромишгар ва қўол омад
نوبت ساقی و رامشگر و قوال آمد
Моҳ нав дид ва аз ӯ бар қадаҳаш на?ил омад
ماه نو دید و از او بر قدحش نال آمد
Бода нӯшед ва ғазал хонду накӯ ҳол омад
باده نوشید و غزل خواند و نکو حال آمد
Раст аз зоҳидӣу шоҳидяши гашти хисол
رست از زاهدی و شاهدیش گشت خصال
Гуфтам эй тарки писари он ҳамаи талбис чаҳ буд
گفتم ای ترک پسر آن همه تلبیس چه بود
Раҳи ҷбрил ниҳодани паии Иблис чаҳ буд
ره جبریل نهادن پی ابلیس چه بود
Шайхро шухии ту мӯҷиби тақдис чаҳ буд
شیخ را شوخی تو موجب تقدیس چه بود
Назд риндӣ чу миннати савми бтдлис чаҳ буд
نزد رندی چو منت صوم به تدلیس چه بود
Каз дили софи даҳуми фарқи садиқ аз мҳтол
کز دل صاف دهم فرق صدیق از محتال
Гуфт чун огаҳ аз ин рӯзаи сӣ рӯза шудам
گفت چون آگه از این روزه سی روزه شدم
Буд шаъбон ки биппар кардан сад кӯза шудам
بود شعبان که به پر کردن صد کوزه شدم
Аз май якума фориғ чу з дарюза шудам
از می یکمه فارغ چو ز دریوزه شدم
Охир аз стўти шҳзодаҳи чунон рӯза шудам
آخر از سطوت شهزاده چنان روزه شدم
Гуҳгар аз бими худо буд набии гаштаму ол ( ? )
گه گر از بیم خدا بود نبی گشتم و آل (؟)
Носролдўлаҳи млкзодаҳи озодаи ҳамид
ناصرالدوله ملکزاده آزاده حمید
Ки бикрдору бгФтор рашидасту ваҳид
که به کردار و به گفتار رشید است و وحید
Нашносад каф ӯ қимати торФи зтлид
نشناسد کف او قیمت طارف ز تلید
Чеҳр ӯ даври млкро буд оростаи ид
چهر او دور ملک را بود آراسته عید
Бал ба аз ид каз абрӯаст маровро ду ҳилол
بل به از عید کز ابروست مر او را دو هلال
Даст ӯгоҳ схопнҷаҳи бсд нил занад
دست اوگاه سخا پنجه به صد نیل زند
Кӯсаш аз наъраи дам аз сувар сроФил занад
کوسش از نعره دم از صور سرافیل زند
Шаҳи бимни рух ӯ оина бар пел занад
شه بیمن رخ او آینه بر پیل زند
Шамсро калаки вазираш зсроклил занад
شمس را کلک وزیرش ز سر اکلیل زند
Бидқӣ зу кашад аз чархи бузин асби ҷалол
بیدقی زو کشد از چرخ به زین اسب جلال
Накунад гавҳар ӯ ҷузи бътои ҳаргизи майл
نکند گوهر او جز به عطا هرگز میل
Не буд гавҳар ӯ аслу атояши бтФил
نی بود گوهر او اصل و عطایش بطفیل
Табъ ӯ чун Ямании каш буд аз ҷӯади Суҳайл
طبع او چون یمنی کش بود از جود سهیل
Зоир аз ҳазрат ӯ ҷустаи ҳамеи лаъли бкил
زایر از حضرت او جسته همی لعل بکیل
Шоир аз мадҳат ӯ бардаи ҳамеи зари бҷўол
شاعر از مدحت او برده همی زر بجوال
Бшкори аўФтдш чун здлирии оҳанг
به شکار اوفتدش چون ز دلیری آهنگ
Гӯр гардад зФзъи чарм бар андоми паланг
گور گردد ز فزع چرم بر اندام پلنگ
Дарем аз савлат ӯ хушк шавад коми наҳанг
در یم از صولت او خشک شود کام نهنگ
Асб тозон бидам шери фарози оради чанг
اسب تازان به دم شیر فراز آرد چنگ
Ваз замин барканду афкандаш бар дунбол
وز زمین برکند و افکندش بر دنبال
Кӯҳро бо дил ӯ Зуҳра ҳастӣ набӯд
کوه را با دل او زهره هستی نبود
Бодаро босхтши ҷуръат мастӣ набӯд
باده را با سخطش جرات مستی نبود
Авҷи гардун бар ӯ ҷуз ки ба пастӣ набӯд
اوج گردون بر او جز که به پستی نبود
Корҳояши зсри нафас парастӣ набӯд
کارهایش زسر نفس پرستی نبود
Кончаҳ ӯ кард ва кунад хайр аносасту риҷол
کآنچه او کرد و کند خیر اناث است و رجال
Аикаҳи меҳри оятӣ аз чеҳраи мардона ту аст
ایکه مهر آیتی از چهره مردانه تو است
Моҳи афрӯхтаи афрохтаи паймона ту аст
ماه افروخته افراخته پیمانه تو است
Зоизди ободтар аз чархи барин хона ту аст
زایزد آبادتر از چرخ برین خانه تو است
Ахтари ақли баҳри марҳалаи девона ту аст
اختر عقل به هر مرحله دیوانه تو است
Нозаш аз давраи ?ути андари шабу рӯзу мау сол
نازش از دورهات اندر شب و روز و مه و سال
Осмони хизмати худоами сарой ту кунад
آسمان خدمت خدام سرای تو کند
Офтоб аз дилу ҷои саҷда барои ту кунад
آفتاب از دل و جان سجده برای تو کند
Лаби брҷиси бтсдиси дуоӣ ту кунад
لب برجیس به تسدیس دعای تو کند
Сари ноҳиди баҳри иди ҳавоӣ ту кунад
سر ناهید به هر عید هوای تو کند
То занад раваду баради суд ва бар ояд зомол
تا زند رود و برد سود و بر آید زآمال
Тўӣии оншаҳ ки сарати ҷустаи зҳўши афсари хеш
توئی آنه شه که سرت جسته ز هوش افسر خویش
Фахри ҳаркаси бксии фахри ту бргўҳри хеш
فخر هرکس به کسی فخر تو بر گوهر خویش
Ганҷати азъқдаҳи гшои хотири донишвари хеш
گنجت از عقده گشا خاطر دانشور خویش
Арсаро ки дар он арзаи диҳии лашкари хеш
عرصهای را که در آن عرضه دهی لشکر خویش
Майл то майл змрих шавад моломол
میل تا میل ز مریخ شود مالامال
Дар заминӣ ки сипоҳат бшбихўн гузарад
در زمینی که سپاهت به شبیخون گذرد
Муваҷҷаҳи хӯни ялон аз сар гардун гузарад
موجهٔ خون یلان از سر گردون گذرد
Умри онкўи бтўи номихтаҳ мағбун гузарад
عمر آنکو به تو نامیخته مغبون گذرد
Сои ӣл аз даргаи ту бо фар қорун гузарад
سائل از درگه تو با فر قارون گذرد
Зтў нашунида ҷавобу бтўи нокардаи суол
زتو نشنیده جواب و به تو ناکرده سئوال
Довро меҳри ту аз ман бдгрҷо нашавад
داو را مهر تو از من به دگرجا نشود
Бкҷо тозад Ҷайҳун ки бдрё нашавад
به کجا تازد جیحون که به دریا نشود
Дили тоҷи ушшуаро бе ту шикеб нашавад
دل تاج الشعرا بی تو شکیبا نشود
Агар имрӯз шикеб шуд фардо нашавад
اگر امروز شکیبا شد فردا نشود
Рафт ва ояд чу яке ташна ки броби зулол
رفت و آید چو یکی تشنه که بر آب زلال
Ҷуз бзилт назанам дасти бдомон дигар
جز به ذیلت نزنم دست به دامان دگر
Ҷуз бкохт нануҳум пои боиўон дигар
جز به کاخت ننهم پای به ایوان دگر
Ҷузи бҳкмт срмн нест бФрмон дигар
جز به حکمت سر من نیست به فرمان دگر
Ҷузи бкўити нкшми рахти басомон дигар
جز به کویت نکشم رخت به سامان دگر
Ки замин бо ту сипеҳрасту бқобитўи завол
که زمین با تو سپهر است و بقا بیتو زوال
Дасти шули бода агар зонкаҳи здомони кшмт
دست شل بادم اگر زآنکه ز دامان کشمت
Пои ман ланг агар аз дар айвони кшмт
پای من لنگ اگر از در ایوان کشمت
Сари ман бетан агар аз хати фармони кшмт
سر من بی تن اگر از خط فرمان کشمت
Тахти бахтами сияҳ ар рахти зсомони кшмт
تخت بختم سیه ار رخت ز سامان کشمت
Ки буд лутфи туами молу лақои ту манол
که بود لطف توام مال و لقای تو منال
Ту паноҳи дили кони хез чу алванди манӣ
تو پناه دل کان خیز چو الوند منی
Млҷои чашми гуҳари рез чу арўнди манӣ
مَلْجأ چشم گهر ریز چو اروند منی
Бсхоу бсхни банди ману панди манӣ
به سخا و به سخن بند من و پند منی
Неи хдоӣии ту маро лек худованди манӣ
نی خدائی تو مرا لیک خداوند منی
Аз худои взхдоўнд гурезаст маҳол
از خدا و ز خداوند گریز است محال
То фалак давр занад субҳу масоъӣади ту бод
تا فلک دور زند صبح و مساعید تو باد
Зайнаби пушти замин рӯй маволеди ту бод
زینت پشت زمین روی موالید تو باد
Шаҳи бъзу малики алърши бтоииди тўбод
شه به عز و ملکالعرش به تایید تو باد
Кори тақдири баҳри масъалаи тақлиди тўбод
کار تقدیر به هر مساله تقلید تو باد
Қаламати ҷони ҷанубу илмати рӯҳи шимол
قلمت جان جنوب و علمت روح شمال