Манъ натавон кард аз бе тоқатии симоб ро
منع نتوان کرد از بی طاقتی سیماب را
Мушкиласт ореи Аннани дории дили битоб ро
مشکل است آری عنان داری دل بیتاب را
Чун ҳасби комил айёр афтод аз гавҳар мапурс
چون حسب کامل عیار افتاد از گوهر مپرس
Кас намеҷӯяд насаби хуршеди ъолмтоб ро
کس نمی جوید نسب خورشید عالمتاب را
Махзани дилро забон хомшӣ бошад калид
مخزن دل را زبان خامشی باشد کلید
Ёфтам аз бастани лаби файзи фатҳи албоб ро
یافتم از بستن لب فیض فتح الباب را
Дар шаби ҳиҷрат чу чашмами гавҳар афшонӣ кунад
در شب هجرت چو چشمم گوهر افشانی کند
намекашад дар гӯши дарёи ҳалқаи гирдоб ро
می کشد در گوش دریا حلقهٔ گرداب را
Дар ҳарими васл аз файзи шамеми зулф ӯ
در حریم وصل از فیض شمیم زلف او
Карда муҳкам ҳар нафас дар коми дили қуллоб ро
کرده محکم هر نفس در کام دل قلاب را
Аз биногвашӣ казу субҳи таҷаллиро сафост
از بناگوشی کزو صبح تجلی را صفاست
Май намояди ҳалқаи зулфаши гули маҳтоб ро
می نماید حلقهٔ زلفش گل مهتاب را
Абрӯаш зон шуъла рухсор шуд хӯни резтар
ابروش زان شعلهٔ رخسار شد خون ریزتر
Май барад бо онкӣ аз шамшер , оташи об ро
می برد با آنکه از شمشیر، آتش آب را
Орзӯии хотир аз Баҳрайни чашму дили биҷавӣ
آرزوی خاطر از بحرین چشم و دل بجوی
Гар ту ҷӯёи толибии он гавҳар ноёб ро
گر تو جویا طالبی آن گوهر نایاب را