На ҳамин рашки руху зулфаши гул ва сунбул гудохт

نه همین رشک رخ و زلفش گل و سنبل گداخت

Хоки пои боғро то решаҳои гул гудохт

خاک پای باغ را تا ریشه های گل گداخت

Аз ҳавои гулистони соф тароват ме чакад

از هوای گلستان صاف طراوت می چکد

ё зи шарми буии зулфаши накҳат сунбул гудохт ?

یا ز شرم بوی زلفش نکهت سنبل گداخت؟

Сад гулистони орзӯро обёрӣ ме кунад

صد گلستان آرزو را آبیاری می کند

Дар хазон аз баси зи ҳиҷри гули дил булбул гудохт

در خزان از بس ز هجر گل دل بلبل گداخت

Ҳамчуи шабнам об шуд ҷӯёи гул аз рашки Рахш

همچو شبنم آب شد جویا گل از رشک رخش

На ҳамин сунбул ба боғ аз шарми он кокул гудохт

نه همین سنبل به باغ از شرم آن کاکل گداخت